Sunday, March 15, 2020

करीला मेले में दान पेटी में पिछले साल से 5.90 लाख कम निकले, नारियल नीलामी में भी 40 हजार की कमी


2020: दान पेटी से 18,50,600 रुपए की चढ़ोतरी और 3 लाख 19 हजार की चिल्लर निकली।

2019: 23 लाख 10 हजार 85 रुपए और 4.5 लाख की चिल्लर निकली थी

कोरोना वायरस का असर करीला पर रहा। ये असर दान पेटियों से निकली चढ़ोत्तरी की राशि और नारियल की नीलामी बता रही है। इस वर्ष दान पेटी से 1850600 रुपए की चढ़ोतरी और 3 लाख 19 हजार की चिल्लर निकली। पिछले वर्ष दान पेटियों से 23 लाख 10 हजार 85 रुपए और 4.5 लाख की चिल्लर निकली थी। यानी इस वर्ष 5 लाख 90 हजार 485 रुपए की चढ़ोत्तरी पिछले साल से कम आई है

हर साल की तरह इस बार भी मेला संपन्न हो ही गया। करीब 12 किमी क्षेत्र में फैला मां जानकी का मेला राम भरोसे हुआ, यह कहना गलत नहीं होगा। हर बार की तरह तीन माह पहले से प्लानिंग हुई। मेले से पहले उसका असर भी दिखा। लेकिन आखिर में वहीं हुआ जो पिछले सालों में होता रहा। जहां देखो वहां लोग नजर आए। प्रशासन का अनुमान है कि करीब 15 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मेले का आयोजक कोई नहीं होने से प्रबंधन भी किसी के पास नहीं है।

जानिए... ये कमियां जिनको सुधार सकते हैं अगली बार

1.करीला पहाड़ी के नीचे चारों तरफ लाइटिंग का इंतजाम था लेकिन पहाड़ी पर सिर्फ मंदिर के आसपास की बिजली का इंतजाम किया गया। जबकि रात में एक लाख लोग अंधेरे में पत्थर और झाड़ियों में सोते रहे।

2. पॉलीथीन मुक्त मेला का ढिढोंरा हर साल की तरह पीटा गया। लेकिन मेला में पॉलीथीन में नारियल और प्रसाद जमकर बिका।

3.मेला में पुलिसिंग फैल नजर आई। सिर्फ वीआईपी रोड पर ही चैकिंग देखी गई और दूसरे वाहनों का आवागमन रोका गया। जबकि जहां नाके बनाए गए थे वहां पुलिस मौजूद तो रहीं लेकिन चैकिंग बंद रही।

4.मेला में करीब खाद्य पदार्थ की लगभग एक हजार दुकानें लगी थीं। इन दुकानों पर दुकानदार किस प्रकार की खाद्य सामग्री श्रद्धालुओं को बेच रहे हैं, तेल कौन सा है, इसकी जांच किसी खाद्य अधिकारी ने नहीं की।

5.पानी की सप्लाई इंटेकवेल में नए बोरों के पानी से होगी, लेकिन पानी की सप्लाई कोंचा के पिकअप वीयर से टैंकर भरकर होती रही। मुख्य रास्तों पर लोग फिसलते भी रहे।

इस बार ये नई व्यवस्था

1.कलेक्टर डाॅ. मंजू शर्मा के शुचिता अभियान से प्रेरित होकर महिला बाल विकास विभाग ने आंचल कक्ष बनाया था जिसमें महिलाएं अपने बच्चों को फीडिंग करवाती रहीं।

2. महिलाओं को ध्यान में रखते हुए पहली बार आंगनबाड़ी और आशा,ऊषा कार्यकर्ताओं को पीएसओ बनाकर ड्यूटी पर तैनात किया गया।

3. इस बार सादा वर्दी में जो पुलिसकर्मी तैनात किए गए उसका फायदा भी मिला। शराब बेचने वालों के अलावा जेबकतरे पकड़े गए।

नारियल की नीलामी कम में

पिछले साल मंदिर परिसर में चढ़ाए गए नारियलों की नीलामी 1 लाख 40 हजार रुपए में हुई थी। इस वर्ष नारियल की नीलामी 1 लाख रुपए में हो गई, जबकि करीब 15 लाख श्रद्धालुओं के दर्शनों का अनुमान प्रशासन ने मेला में लगाया है।

प्रशासन का अनुमान लाइन में लगकर 1 मिनट में 750 लोगों ने किए मां जानकी के दर्शन


2019

2020


यूसी मेहरा, मुंगावली तहसीलदार और सचिव करीला मेला ट्रस्ट।


हर साल कई श्रद्धालु मन्नतों के पत्र लिखकर माता के दरबार में अर्जी लगाते हैं। इस वर्ष इन पत्रों की संख्या कम रही। जो पत्र आए उनमें शादी विवाह, पुत्र, नौकरी की अर्जी रही। राजनैतिक अस्थिरता और कोरोना संक्रमण का पत्र नहीं निकला।


श्रद्धालुओं ने जानकी के दरबार में शादी विवाह, पुत्र, नौकरी की अर्जी लगाई

2020 में रंगपंचमी के मौके पर कम मात्रा में चढ़ाए गए नारियल। वहीं 2019 में जानकी के दरबार में चढ़ाए नारियल अधिक थे।



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Ashoknagar News - mp news donation box at the karela fair decreased by 590 lakhs from last year 40 thousand decrease in coconut auction also
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source https://www.bhaskar.com/mp/ashoknagar/news/mp-news-donation-box-at-the-karela-fair-decreased-by-590-lakhs-from-last-year-40-thousand-decrease-in-coconut-auction-also-063620-6850615.html

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