ग्वालियर | मुरार निवासी अंकिता की रिपोर्ट 28 मार्च शनिवार को डीआरडीई से निगेटिव आने के बाद भी उसे व उसकी मां को आईटीएम हॉस्पिटल से 108 एंबुलेंस द्वारा कोरोना संक्रमित मरीज बीएसएफ के अधिकारी अशोक कुमार के साथ पहले जिला अस्पताल फिर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल भेज दिया था। शनिवार-रविवार की रात को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अंकिता को ओढ़ने के लिए चादर या कंबल तक मुहैया नहीं कराए गए। सुबह से चाय या नाश्ता कुछ भी नहीं भेजा गया। अधिकारियों को कई बार फोन करने के बाद दोपहर 1 बजे खाना मिला था। अंकिता ने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ट्वीट कर की है। उसने अपने ट्वीट में जेएएच के मिल्क पार्लर के सामने बनाए गए आइसोलेशन वार्ड की अव्यवस्थाओं को दर्शाती हुई फोटो भी ट्वीट की हैं। अंकिता को पहले दिन यहीं रखा गया था। अंकिता का कहना है कि 108 एंबुलेंस के अधिकारी के साथ-साथ अन्य अधिकारियों की लापरवाही का ही परिणाम है कि उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उसे संक्रमित मरीज के साथ एक ही एंबुलेंस में भेजा गया। इसलिए दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अंकिता के ट्वीट पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जवाब देते हुए कहा ये फोटो वास्तविकता नहीं दिखा रही हैं।
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source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-ankita-tweeted-to-pm-and-said-action-should-be-taken-against-the-culprits-071013-6966386.html
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