इंदौर. कोरोना की जांच के लिए भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट 9-10 दिन बाद मरीजों को मिल रही है। कई मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन उन्हें डर सता रहा है कि वे 8 दिन से संक्रमित मरीजों के साथ उन्हीं के वार्ड में भर्ती थे। अब दोबारा संक्रमण ना निकल जाए। एमआर टीबी, अरबिंदो सहित सभी अस्पतालों के मरीजों की कमोबेश यही स्थिति है। नर्सिंग स्टाफ भी रिपोर्ट के लिए परेशान है। टीबी अस्पताल के एक मरीज का सैंपल 19 अप्रैल काे भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट 27 अप्रैल को मिली। रिपोर्ट निगेटिव आई। इतने दिनों तक रिपोर्ट ना मिलने के कारण संक्रमित मरीजों के बीच रह रही थी। तंजीम नगर निवासी 22 साल का एक युवक 28 दिनों से अरबिंदो अस्पताल में भर्ती है। उसका कहना है कि दाे हफ्ते पहले सैंपल जांच के लिए लिया था। रिपोर्ट अब तक नहीं बताई जा रही है।
खातीवाला टैंक में डॉक्टर पॉजिटिव, नेता के फाेन के बाद किया क्वारेंटाइन
खातीवाला टैंक में एक डॉक्टर के पॉजिटिव होने के चार दिन बाद तक भी प्रेम अपार्टमेंट को कंटेनमेंट घोषित नहीं किया गया। इस मल्टी में 40 से ज्यादा फ्लैट्स हैं। डर के मारे लोग दरवाजे तक नहीं खोल पा रहे थे। सोमवार को रहवासियों ने भाजपा नेता जेपी मूलचंदानी से मदद मांगी। उन्होंने अफसरों से बात की। इसके बाद एरिया को कंटेनमेंट घोषित किया गया। कुछ परिवारों की स्क्रीनिंग भी की गई। डॉक्टर के फ्लैट और आसपास रहने वाले लोगों को आइसोलेट किया गया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/the-report-which-came-9-days-after-giving-the-sample-is-living-among-the-infected-despite-being-negative-127255306.html
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