Tuesday, April 28, 2020

जिला अस्पताल में ऑपरेशन के लिए एक महीने की वेटिंग, सभी विभागों को मिलाकर दिन में 4 रूटीन सर्जरी, मरीज बढ़े तो गलियारे में डाले पलंग, सोशल डिस्टेंसिंग कहीं नहीं

जिला अस्पताल में करीब एक सप्ताह पहले बीएमसी के सभी विभागों की ओपीडी और रूटीन सर्जरी शुरू कर दी गई है। लेकिन न तो इसके हिसाब से पलंग बढ़ाए गए और न ही अॉपरेशन थिएटर की व्यवस्थाएं। नतीजा जहां दिन में 15 से 20 रूटीन सर्जरी होना थीं, वहां अभी केवल 4 से 5 सर्जरी ही हो रही हैं। यदि इसी तरह सर्जरी हुईं तो ऐसे में यहां भर्ती मरीजों को इलाज के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ेगा। वहीं दूसरी तरफ मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद यहां वार्ड बढ़ाने के जगह अब गलियारों में पलंग डाले जा रहे हैं, जिसमें मरीजों को इलाज तो मिलना दूर, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने में भी समस्या हो रही है।
जानकारी के अनुसार 23 मार्च को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज कोविड सेंटर घोषित होने के बाद रूटीन सर्जरी बंद कर इमरजेंसी व ओपीडी जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दी गई थी। 21 अप्रैल को संभागायुक्त के आदेश के बाद बीएमसी के सभी विभागों की ओपीडी और रूटीन सर्जरी जिला अस्पताल में ही शुरू की गई, लेकिन इतनी बड़ी जिम्मेदारी को संभालने के िलए जिला अस्पताल में अब तक पूरी व्यवस्थाएं ही नहीं हुईं। जबकि यहां हर विभाग में डॉक्टरों की संख्या पर्याप्त है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण परेशानियां सामने आ रही हैं।

एक-दूसरे से सटाकर बिछा दिए पलंग, गर्भवती और नवजात में सबसे ज्यादा संक्रमण का खतरा
इतना ही नहीं अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की संख्या बढ़ने पर वार्ड बढ़ाने की जगह गलियारों में पलंग डाल दिए। पलंग भी ऐसे डाले की एक-दूसरे से सटकर मरीज लेटे हुए है। ऐसे वार्ड क्रमांक 4 और 5 के साथ प्रसव के बाद वाले वार्ड में किया गया। जिससे मरीजों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। वहीं प्रबंधन की इस लापरवाही से सबसे अधिक संक्रमण का खतरा प्रसव के बाद वाले वार्ड में है, जहां नवजात और महिलाएं गलियारे में पड़े हुए हैं। यहां मौजूद स्टाफ का कहना है कि वार्डों में अब मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं है, यदि मरीज बढ़े तो उन्हें फर्श पर ही भर्ती करना पड़ेगा।

  • खिरियाकला निवासी गजेंद्र वार्ड नंबर 4 में भर्ती है। उनके पैर में फ्रैक्चर है, जिसका ऑपरेशन होना है। लेकिन डॉक्टरों अॉपरेशन की बात कहकर पैर में कच्चा प्लास्टर बांध दिया। अब उसे भर्ती हुए 5 दिन बीत गए हैं, लेकिन कोई यह बताने तैयार नहीं है कि ऑपरेशन कब होगा?
  • भगत सिंह वार्ड निवासी 52 वर्षीय राजेंद्र कुमार पिछले एक माह से जिला अस्पताल में ऑपरेशन के लिए अपने नंबर इंतजार कर रहे हैं। उनके पैर में घाव है जिसमें डॉक्टरों ने प्लास्टर बांधा था, लेकिन प्लास्टर से उनका पैर सड़ने लगा और अब घाव की स्थिति बेहद गंभीर है, इसके बाद भी डॉक्टर उसका ऑपरेशन करने तैयार नहीं है।
  • ़भगवानगंज निवासी अभय सिंह ने बताया कि उनका अपेंडेक्स का अॉपरेशन होना है, जो कि एक माह पहले होना था, लेकिन बीएमसी के डॉक्टरों ने रूटीन सर्जरी बंद होने की बात कहकर उन्हें इंतजार करने को कहा। अब एक माह बाद जब रूटीन सर्जरी शुरू हो गई हैं, तब भी डॉक्टर उन्हें यह बताने तैयार नहीं कि उनका ऑपरेशन कब होगा।

बीएमसी की 7 ओटी मेंहर दिन होते थे 40 से भीज्यादा ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार बीएमसी में सभी विभागों को मिलाकर 7 मेजर ओटी हैं। जिसमें हर दिन औसतन 40 ऑपरेशन होते थे। जिसमें सर्जरी और हड्डी रोग विभाग में 7 से 8 सर्जरी प्रतिदिन होती थीं, लेकिन जिला अस्पताल में केवल दो ही अॉपरेशन थिएटर हैं, जिसके कारण डॉक्टरों को समय निर्धारित करने में समस्या हो रही है, लेकिन इन दोनों ओटी का पूरा इस्तेमाल किया जाए तो हर दिन 20 ऑपरेशन हो सकते हैं।
जिला अस्पताल के लिए मैं विशेषज्ञ डॉक्टर के साथ जूनियर रेसीडेंट भी दे दिए हैं, लेकिन इसके बाद भी वहां की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रहीं। मैं इस संबंध में सिविल सर्जन से बात करूंगा। क्योंकि कोरोना के साथ-साथ दूसरी बीमारियों के मरीजों का भी इलाज करना बहुत जरूरी है।-डॉ. जीएस पटेल, डीन बीएमसी



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One month waiting for operation in district hospital, 4 routine surgeries a day including all departments, patients increase if beds in the corridor, social distancing are nowhere


source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/news/one-month-waiting-for-operation-in-district-hospital-4-routine-surgeries-a-day-including-all-departments-patients-increase-if-beds-in-the-corridor-social-distancing-are-nowhere-127256511.html

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