वीरांगना अवंती बाई की जयंती मनाई
महारानी वीरांगना अवंती बाई लोधी ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को चिंगारी देने वाली पहली महिला थी। अवंती बाई ने देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राण दे दिए। आज उन्हें वीरांगना के नाम से जाना जाता है। वे लोधी समाज की गौरव हैं। महारानी ने अपने राज्य तथा देश की रक्षा के लिए तलवार उठाई थी। यह बात शुक्रवार को अखिल भारतीय लोधी क्षत्रिय राजपूत महासभा द्वारा कार्यालय परिसर में आयोजित अवंतीबाई लोधी जयंती कार्यक्रम में महासभा के महामंत्री एडवोकेट रविंद्र सिंह नरवरिया ने कही।
उन्होंने कहा कि हमें भी उन्हीं के आदर्शों पर चलकर देश तथा समाज की रक्षा करनी चाहिए। इसी क्रम में नरोत्तम नरवरिया ने कहा कि अवंतीबाई प्रथम महिला शहीद वीरांगना थीं। 1857 की क्रांति में रामगढ़ की रानी अवंतीबाई रेवांचल में मुक्ति आंदोलन की सूत्रधार थी। 1857 के मुक्ति आंदोलन में इस राज्य की अहम भूमिका थी, जिससे भारत के इतिहास में एक नई क्रांति आई। अंग्रेजों के राज्य को उखाड़ने के लिए रानी अवंतीबाई ने क्रांति की शुरुआत की रानी अवंतीबाई ने अंग्रेजों के विरुद्ध ऐतिहासिक निर्णायक गोरिल्ला युद्ध किया जो भारत की आजादी में बहुत बड़ा योगदान है। इस मौके पर मान सिंह कुशवाहा,वीरेंद्र कौशल, तपेंद्र सिंह नरवरिया शिक्षक ने किया आभार अनूप सिंह नरवरिया एडवोकेट ने व्यक्त किया इस अवसर पर संदीप सिंह नरवरिया,अनुराग,संजू बघेल,योगेंद्र नरवरिया आदि मौजूद रहे।
वीरांगना अवंती बाई लोधी की जयंती मनाते समाजबंधु।
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhind/news/mp-news-veerangana-avanti-bai-started-the-spark-of-the-first-freedom-struggle-narwariya-062651-6885283.html
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