Friday, March 20, 2020

गड्ढों में तब्दील हुई बटियागढ़-केरबना सड़क, हरदम बना रहता हादसे का डर


बटियागढ़-केरबना मार्ग पर सैकड़ों छोटे-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिससे वाहन चालकों इस मार्ग से निकलना बड़ी मुसीबत बन गया है। 30-45 मिनिट के रास्ते पर गड्ढे होने से डेढ़ से दो घंटे लग रहे हैं। 20 किमी का लंबे इस मार्ग पर सबसे ज्यादा परेशानी रात के समय होती है। जब वाहनों की चकाचौंध के कारण लोगों को गड्ढे नजर नहीं आते हैं।

इस मार्ग पर करीब 8 से 10 फीट लंबे, चार फीट चौड़े और एक फीट गहरे गड्ढे होने से आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। जिससे वाहन हिलते-ढुलते हुए निकल रहे हैं। तो वहीं बाइक सवार भी गड्ढों की वजह से गिरने बचते नजर आते हैं। इस मार्ग पर कहीं-कहीं तो आधा से एक फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। ऐसे में तेज रफ्तार वाहन चालक अचानक गड्ढा के पास पहुंचते ही अनियंत्रित हो जाते हैं, जिससे पलटने का खतरा बना रहता है। बटियागढ़ निवासी प्रकाश साहू, नानू यादव ने बताया कि इसी मार्ग से सागर, भोपाल, इंदौर, झांसी के लिए भी बसें व अन्य वाहन निकलते हैं। जिससे सबसे ज्यादा यात्रियों को खतरा रहता है।

पीडब्लयूडी के अधिकारियों से करेंगे बात


- भारती मिश्रा, एसडीएम

की बात तो यह है कि गड्ढों को भरने के लिए मुरम मिट्टी भी नहीं डलवाई जा रही है। जबकि इस मार्ग

यहां सबसे ज्यादा परेशानी

रज्जू यादव, मुकेश अहिरवार ने बताया कि बटियागढ़ केरबना मार्ग पर संत रविदास मंदिर के सामने वर्षों से बड़े-बड़े गड्ढे मौजूद हैं। भारी वाहनों के निकलने से समय के साथ इन गड्ढों का दायरा बढ़ता जा रहा है। जिससे वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। आसपास के मुहल्लों की नालियों का पानी संत रविदास मंदिर के सामने सड़क से निकलता है। जिससे यहां चौबीसों घंटे पानी भरा रहता है। जिससे वाहन चालक गड्ढों का अंदाजा नहीं लगा पाते। बड़े वाहन तो जैसे तैसे निकल जाते हैं, लेकिन बाइक सवार गड्ढों का अंदाजा नहीं लगा पाने से कई बार गिर जाते हैं। लोगों की माने तो प्रशासन को यहां पर एक पुलिया का निर्माण करवाना चाहिए। ताकि वाहन चालक सुरक्षित तरीके से निकल सके।

से रोजाना वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि आते-जाते हैं।

इस मार्ग पर करीब 8 से 10 फीट लंबे, चार फीट चौड़े और एक फीट गहरे गड्ढे होने से आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। जिससे वाहन हिलते-ढुलते हुए निकल रहे हैं। तो वहीं बाइक सवार भी गड्ढों की वजह से गिरने बचते नजर आते हैं। इस मार्ग पर कहीं-कहीं तो आधा से एक फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। ऐसे में तेज रफ्तार वाहन चालक अचानक गड्ढा के पास पहुंचते ही अनियंत्रित हो जाते हैं, जिससे पलटने का खतरा बना रहता है। बटियागढ़ निवासी प्रकाश साहू, नानू यादव ने बताया कि इसी मार्ग से सागर, भोपाल, इंदौर, झांसी के लिए भी बसें व अन्य वाहन निकलते हैं। जिससे सबसे ज्यादा यात्रियों को खतरा रहता है।

करीब चार माह पहले ही एक तेज रफ्तार स्लीपर बस पलट गई थी। जिससे दर्जनों सवारियां घायल हो गई थीं। इसके बावजूद भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सड़कों की मरम्मत के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि गड्ढों को भरने के लिए मुरम मिट्टी भी नहीं डलवाई जा रही है। जबकि इस मार्ग से रोजाना वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि आते-जाते हैं।

बटियागढ़। केरबना-बटियागढ़ मार्ग पर गड्‌ढे वाहन चालकों के लिए मुसीबत।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Batiyagarh News - mp news batiyagarh karbana road turned into pits fear of accident always persists


source https://www.bhaskar.com/mp/damoh/news/mp-news-batiyagarh-karbana-road-turned-into-pits-fear-of-accident-always-persists-062646-6884859.html

No comments:

Post a Comment