हरदा| अभिव्यक्ति साहित्य मंच कार्यक्रम के तहत एलअाईजी काॅलाेनी स्थित युवालय कार्यालय में रविवार काे लेखन कार्यशाला का अायाेजन किया। इसमें वक्ताअाें अाैर वरिष्ठ रचनाकाराें ने नवाेदित रचना शिल्पियाें काे लेखन की बारीकियाें के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला में साहित्यकार एवं स्तंभ लेखक रहे एडवाेकेट श्याम साकल्ले ने गजल में उपयेाग हाेने वाले उर्दू अरबी अाैर फारसी के ज्यादातर प्रचलित शब्दाें के अर्थ व पर्यायवाची बताए। जिससे लेखन में इनके उपयाेग के दाैरान उनके अर्थ से लेखक पहले भलीभांति परिचित हाे सके। उन्हाेंने कहा कि किसी भी विधा में लिखने से पहले पढ़ना बहुत जरूरी हाेता है। हमारी जिस क्षेत्र या कला में रुचि हाेती है हमें उस विधा में पहले से लेखन कर्म कर रहे लेखकाें काे पढ़ना चाहिए, जिससे बारीकियां समझ अा सकें। उन्हाेंने सभी काे समझाइश दी कि वे नियमित रुप से किसी ने किसी किताब काे जरूर पढ़े, जिससे उनका शब्दकाेश समृद्ध हाे सके। इसका असर उन्हें अपने लेखन में तेजी से विकसित हाेते काैशल के रुप में दिखाई देगा। वक्ताअाें की माैजूदगी में रचना पाठ किया। इस दाैरान नवाेदित रचनाकार निशा रामकुचे अविरल आनंद, अर्चिता, रामकृष्णा, शैलेष, विशाल, वीणा चाैबे, कमल, विद्या बिल्लौरे दमाड़े लोकेश रामकुचे सहित अन्य उपस्थित रहे।
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source https://www.bhaskar.com/mp/harda/news/mp-news-writing-tips-given-by-the-creators-to-the-newly-created-artisans-072150-6857954.html
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