घर की अच्छी दशा के लिए रखा व्रत
पीपल पर सूत लपेटकर किया पूजन
महिलाओं ने घरों की दीवारों पर बनाए छापे
परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया पूजन
दशा माता का व्रत कर पूजा-अर्चना की
पीपल की पूजा कर समृद्धि की कामना की
माता का पूजन कर दशा सुधारने की कामना
नांद्रा | ग्राम की महिलाओं ने घर की सुख-समृद्धि के लिए दशा माता का पूजन कर व्रत रखा। दोपहर को महिलाओं ने सामूहिक रुप से पीपल के पेड़ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना व परिक्रमा लगाकर सूत लपेटा। पंडित बसंत शर्मा ने को व्रत की कथा सुनाई। व्रतधारी महिलाओं ने बताया इस व्रत को करने से दशा माता प्रसन्न होती है। घर की बुरी दशा दूर होकर घर में सुख-समृद्धि व खुशहाली आती है।
बलवाडा | महिलाओं ने दशा माता का पूजन किया। घर में सुख-समृद्धि का वास रहे इसलिए महिलाओं ने पीपल के पेड़ पर कच्चा सूत 10 बार लपेटकर परिक्रमा की। हलवे पूरी का भोग लगाया। वंदना चौहान व वर्षा जायसवाल ने दशा माता की कहानी सुनाई। पीपल के पेड़ के नीचे बैठ पूजा कर महिलाओं ने गले में डोरे पहने।
बागोद | महिलाओं ने दशा माता का व्रत कर पूजा की। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत किया। परिवार की दशा सुधारने के लिए पीपल के पेड़ की परिक्रमा लगाकर कच्चे सूत से गठान लगाकर खुशहाली की कामना की। दशा रानी व राजा नल दमयंती की कथा सुनी। कुमकुम से अपने घर पर स्वास्तिक के हाथों की छाप लगाई। सुबह से शाम तक महिलाओं की कतार लगी रही।
ठनगांव | महिलाओं ने परिवार की समृद्धि व कोप से बचाने के लिए दशा माता का पूजन किया। भारती पाटीदार व रंजना कुशवाह ने बताया माता से कोरोना वायरस से फैल रही बीमारियों के प्रकोप से रक्षा करने की कामना की। दशामाता व्रत की कथा सुनाई। गायत्री पाटीदार, गीता पाटीदार, कमला पाटीदार, रजनी कुशवाह, कीर्ति कुशवाह ने व्रत रखकर दशा माता के पीपल के पेड़ की पूजा की। सूत लपेटकर परिक्रमा लगाई। हल्दी के छापे लगाए। आरती कर प्रसादी बांटी।
पाडल्या | महिलाओं ने दशा माता की पूजा-अर्चना की। पं. जितेंद्र चोकड़े के निवास पर सुबह दशा माता की पूजा की गई। उन्होंने महिलाओं को दशा माता की कथा सुनाई। सेवंती सोलंकी व प्रेमलता आर्से ने बताया महिलाओं ने व्रत किया। पीपल के पेड़ पर कच्चा सूत लपेटकर घर के मुख्य द्वार व दीवार पर हाथ से हल्दी के छापे लगाए। घर की सुख-समृद्धि व दशा सुधारने के लिए महिलाओं ने दशा माता का व्रत किया। कला चौहान, सुमन पाटीदार, ज्योत्सना राठौड़, देवंती चौहान, सुलोचना राठौड़ सहित नगर की महिलाएं मौजूद थी।
बड़वाह | संकटों से उबारने वाला है दशा माता व्रत। जीवन की दिशा दशा को सही करने की कामना से चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की दशमी के दिन दशा माता का व्रत किया जाता है। इस व्रत को जो व्यक्ति भक्तिभाव से करता है उसके घर से दु:ख और दरिद्रता दूर हो जाती है। यह बात गुरुवार को दशमी पर महिलाओं ने दशामाता का व्रत व पूजा-अर्चना कर दशारानी व राजा नल दमयंती की कथा सुनाते हुए कही। नगर में पुखराज काॅलोनी, कंवर काॅलोनी, बस स्टैंड मार्ग, तिलक मार्ग, नागेश्वर मार्ग, दशहरा मैदान, हाऊसिंग बोर्ड काॅलोनी, सुराणा नगर सहित अन्य स्थानों पर पूजा-अर्चना की। बिनु चौहान, प्रमिला वास्कले, नेहा नामदेव, मंजूला गोयल, नीतू यादव, सुशीला बर्फा, कंचन दुबे, सेवंतीबाई सहित अन्य महिलाएं उपस्थित थी।
सनावद | मंदिरों में सुबह से महिलाओं की भीड़ उमड़ी। दशा माता का पूजन कर महिलाओं ने कथा सुनी व व्रत किया। हनुमान मंदिर, राज मंदिर, कोर्ट के पीछे, पीपल चौक, गोकनेश्वर मंदिर, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, राधाकृष्ण कॉलोनी सहित कई मंदिर व पीपल के पेड़ पर महिलाओं ने सूत लपेटकर परिवार की दशा व दिशा सुधारने का आशीर्वाद मांगा। रानू सज्जन ने बताया चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर दशामाता का पूजन सामूहिक रूप से किया। डोरे की पूजा करने के बाद पूजन स्थल पर राजा नल व रानी दमयंती की कथा सुनी गई। महिलाओं ने घर की सुख-समृद्धि व उन्नति के लिए मुख्य द्वार पर हल्दी-कुमकुम के छापे लगाए। परिवार पर दशा माता की कृपा बनी रहे इसलिए महिलाएं व्रत करती हैं। महिलाओं ने सूत का धागा गले में भी बांधा। प्रीति कानूनगो, दुर्गा पटेल, विद्या बिर्ला, चित्रा दुबे, टीना जायसवाल, साधना सज्जन मौजूद थी।
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source https://www.bhaskar.com/mp/khargon/news/mp-news-photo-gallery-dasha-mata-063604-6880086.html
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