Thursday, March 5, 2020

लोग दमकल का करते हैं उपयोग, इसके बाद भी राजस्व ने नपा में जमा नहीं कराया कर


2007 से लेकर अभी तक नपा का राजस्व विभाग एक रुपए भी नहीं कर पाया वसूल, खुद वहन कर रही आग बुझाने का खर्चा

राजस्व विभाग वैसे तो किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा आदि पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराता है, लेकिन करीब 13 साल से नगर पालिका की दमकल ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर अपनी सेवाएं देकर आग बुझाने का कार्य कर रही है लेकिन अभी तक राजस्व विभाग ने एक चवन्नी भी भुगतान नहीं किया है पूरा खर्चा नगर पालिका को वहन करना पड़ रहा है। जबकि पहली दमकल नगर पालिका ने 2007 में तथा दूसरी करीब तीन वर्ष पहले खरीद कर जनता की सेवा के लिए लगा रखी है। इसके साथ ही नगर पालिका के ट्रैक्टर व टैंकर से भी आवश्यकता पड़ने पर आग बुझाने के लिए भेजा जाता है। नगर पालिका के पास ग्रामीण क्षेत्रों में आग बुझाने व दूसरे कस्बों में आग बुझाने का रिकार्ड मौजूद हैं, लेकिन आज तक न तो राजस्व विभाग और न ही जिला पंचायत ने इसका कोई भुगतान नहीं किया है।

यदि शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अग्नि दुर्घटना होती है तो नगरीय निकाय क्षेत्र में फायर ब्रिगेड भेजने की जिम्मेदारी संबंधित नपा प्रबंधन की होती हैं अर्थात आग दुर्घटना से निपटने के लिए नपा व फायर ब्रिगेड को हमेशा तत्पर माना जाता है। लेकिन यदि यही अग्नि दुर्घटना नगरीय निकाय क्षेत्र से बाहर होती है तो नियमानुसार वह इसके लिए संबंधित ग्राम पंचायत या राजस्व विभाग से शुल्क लेकर अपनी सेवाएं देने का नियम है। तहसील में अभी तक ऐसे कई स्थानों पर पर नपा द्वारा फायर ब्रिगेड भेजी गई है लेकिन उसे नियमानुसार इसके बदले में किसी भी प्रकार का कोई शुल्क किसी भी संस्था या निकाय द्वारा प्रदान नहीं किया गया । जिसके चलते ऐसे स्थानों पर भी फायर ब्रिगेड सेवाएं देने पर होने वाली राशि स्थानीय निकाय के द्वारा ही व्यय की जा रही है। जिससे स्पष्ट रूप से नगर पालिका का नुकसान हो रहा हैं।

पहले कलेक्टर से होता था भुगतान : जानकारी में बताया गया है कि पूर्व में करीब 15 साल पहले जिस नगरीय निकाय में फायर वाहन था तो वहां यदि फायर ब्रिगेड नगरीय निकाय के बाहर कहीं जाती थी तो उस पर व्यय होने वाली राशि का भुगतान बाकायदा कलेक्टोरेट से किया जाता था लेकिन जब से नगर पालिका में फायर वाहन आया है तब से एक चवन्नी भी भुगतान नगर पालिका को प्राप्त नहीं हुआ है। जबकि इस व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उस समय के तत्कालीन कलेक्टर ने एसडीएम व तहसीलदार को निर्देशित भी किया था।

आम लोगों के लिए निशुल्क सेवा है फायर ब्रिगेड

जहां एक ओर किसी भी स्थान पर फायर ब्रिगेड भेजने पर राजस्व या पंचायत को उसके शुल्क का भुगतान का नियम रखा गया है। वहीं दूसरी ओर आम लोगों के लिए यह पूर्णतः निशुल्क सेवा के रूप में रखी गई है। किसी भी घटना दुर्घटना में आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को रखा जाता है। आम लोगो के किसी भी स्थान जिसमें मकान, दुकान सहित खेत खलिहान भी शामिल है। यह सुविधा शासन स्तर पर सुनिश्चित की गई है। हालांकि जहां एक ओर शासन द्वारा आग से क्षति होने पर ही पीड़ित को नाम मात्र की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन फायर वाहन के ग्रामीण क्षेत्र में उपयोग पर भुगतान नहीं करना अजीब सा लगता हैं।

फायर ब्रिगेड उपयोग की दरें हैं निर्धारित

इन सेवाओं के लिए नियमों में शुल्क भी निर्धारित किया है। जानकारी के अनुसार शहर से बाहर ग्रामीण क्षेत्र में जहां पर भी अग्नि दुर्घटना होती है, वहां पर अग्निशमन वाहन जाने और आने का 23 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से एवं फायर ब्रिगेड की कार्य अवधि तक रूकने के दौरान उसका 150 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान किए जाने का प्रावधान है।

अभी तक नहीं हुआ भुगतान

जहां एक ओर नियमों में भुगतान और भुगतान की दर को भी स्पष्ट किया गया है, वहीं जबसे नगर पालिका में फायर ब्रिगेड वाहन आया है, तब से आज तक किसी भी संस्था ने किसी भी प्रकार का कोई भुगतान नगर पालिका को नहीं किया है। यदि देखा जाए तो इस हिसाब से लाखों रुपए का भुगतान बकाया है। इस सबंध में 12 साल पहले विभागीय स्तर पर पत्राचार जरूर किया गया, लेकिन उस पर कोई परिणाम सामने न आने पर पत्राचार करना भी बंद कर दिया। यदि आग लगने की घटनाओं में उपयोग किए गए फायर ब्रिगेड के भुगतान की बात की जाए। तहसील सहित जिले की सभी नगरीय निकाय को ग्राम पंचायत और राजस्व विभाग से लाखों रुपए की राशि लेना बकाया है।

वरिष्ठ अफसरों को लिखेंगे पत्र


बीएल सिंह, सीएमओ



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Begumganj News - mp news people use fire engine even after this the revenue has not been deposited in napa


source https://www.bhaskar.com/mp/raisen/news/mp-news-people-use-fire-engine-even-after-this-the-revenue-has-not-been-deposited-in-napa-064106-6787380.html

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