Thursday, March 19, 2020

कई रातों की रिसर्च से मरीज ठीक किया


चीन इटली, यूरोप के बाद कोरोना की देश में दस्तक का मामला आने पर दिल सहम गया। जयपुर में कोरोना मरीज की जानकारी मिलने पर लगा कि इलाज कैसे होगा। सोशल मीडिया की खबरों से घबराहट हो जाती थी। घर पहुंचने पर प|ी का पहला सवाल होता था कि कोरोना का मरीज मिला क्या? स्वाइन फ्लू का 10 साल के अनुभव और विश्वास के साथ मेरा एक ही जवाब होता था कि डरने की जरूरत नहीं है। लेकिन फरवरी में इटली के नागरिक में कोरोना की सूचना पर हाथ-पांंव फूल गए। सोचा- अब क्या करेंगे। प|ी के शब्द याद आए। इसी विश्वास के साथ गंभीर हालत में लक्षणों के आधार पर माइल्ड निमोनिया से पीड़ित मरीज से मिला। कई रातों तक रिसर्च पेपर और अध्ययनों के आधार पर बीमारी का तोड़ निकालने की ठानी। आखिरकार स्वाइन फ्लू की ओसल्टामीविर को एचआईवी के इलाज में काम में आने वाली लोपिनाविर और रिटोनाविर कॉम्बिनेशन मरीज को देने पर अच्छे परिणाम मिले। इसमें क्लोरोक्वीन भी थी। फिर से जांच में नेगेटिव आने पर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कोरोना और एचआईवी का मोलीक्यूलर स्ट्रक्चर समान होने के कारण रेट्रोवायरल दवा का इस्तेमाल किया, जिससे अच्छे नतीजे मिले।
(जैसा सुरेंद्र स्वामी को बताया)


डॉ. रमन शर्मा
एसएमएस अस्पताल, जयपुर



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BAREHATA News - mp news many nights of research cured the patient


source https://www.bhaskar.com/mp/sagar/news/mp-news-many-nights-of-research-cured-the-patient-063028-6879328.html

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