Wednesday, March 25, 2020

कॉलेज में पढ़ने वाले एक लाख छात्रों को नहीं मिली स्कॉलरशिप

ग्वालियर जिले के टेक्निकल, मैनेजमेंट, प्रोफेशनल सहित सामान्य कोर्सों में एडमिशन लेने वाले एससी-एसटी कैटेगरी के एक लाख से अधिक छात्रों को शैक्षणिक सत्र 2019-20 की छात्रवृत्ति अभी तक नहीं मिल पाई है। 31 मार्च 2019 तक छात्रों से आवेदन लेने के बाद अफसरों ने स्कॉलरशिप पोर्टल पर लिंक बंद कर दी। इसके बाद आदिम जाति कल्याण विभाग के अफसरों के तबादले होते रहे और ग्वालियर में छात्रवृत्ति वितरण नहीं हो पाया। वर्तमान में विभाग में सहायक आयुक्त का चार्ज संभाल रहीं एसडीएम पुष्पा पुषाम भी छात्रवृत्ति रिलीज करने से बच रही हैं।


ग्वालियर में इंजीनियरिंग, नर्सिंग, बीएड-डीएड मिलाकर लगभग 500 कॉलेज हैं, जिनमें एससी-एसटी कैटेगरी के लगभग एक लाख स्टूडेंट्स अध्ययन करते हैं। इन स्टूडेंट्स से पिछली बार 31 मार्च 2019 को छात्रवृत्ति के लिए �’नलाइन आवेदन मंगा लिए गए थे। इस बीच अंचल के कॉलेजों में पिछले 13 वर्षों में हुए स्कॉलरशिप घोटाले की जांच शुरू करा दी गई। इसके जांच के चलते वर्तमान स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप सेंक्शन करने का काम हो ही नहीं पाया।

आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ सहायक आयुक्त ऊषा पाठक का तबादला भी इसी दौरान हुआ और डिप्टी कलेक्टर दीपशिक्षा भगत को चार्ज दे दिया गया, लेकिन प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त होने के कारण उन्होंने स्कॉलरशिप संबंधी कार्यों में रुचि नहीं ली। इसके बाद दीपशिखा भगत को राज्य शासन ने अभिहित अधिकारी के तौर पर नियुक्त कर दिया। ऐसे में गत 10 जनवरी को एसडीएम पुष्पा पुषाम को सहायक आयुक्त का चार्ज दे दिया गया। कुछ छात्रों की शिकायत के आधार पर डीबी स्टार टीम ने मामले की पड़ताल की, तो खुलासा हुआ कि बजट की कमी और गड़बड़ियों की जांच के कारण अफसर अब स्कॉलरशिप सेंक्शन करने से बच रहे हैं। इसके चलते मामले को कॉलेजों, नोडल सेंटर के बीच लटकाया जा रहा है।

कम आ रहे हैं आवेदन

यह सही है कि ग्वालियर में अभी छात्रवृत्ति का वितरण नहीं हुआ है, लेकिन हमारे पास जो भी आवेदन आते हैं, उन्हें इकट्‌ठा कर हम प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। अभी आवेदन ही कम आए हैं। जहां तक बजट की कमी की बात है, तो ऐसा है। कॉलेजों से आवेदन आने पर हम जल्द ही स्कॉलरशिप रिलीज करने की कार्रवाई करेंगे।
पुष्पा पुषाम, सहायक आयुक्त आदिम जाति एवं संयुक्त कलेक्टर

करेक्शन लिंक भी कर दी बंद

स्कॉलरशिप का �’नलाइन आवेदन करने के बाद दस्तावेजों में किसी कमी या अधूरी जानकारी के कारण इसे रिजेक्ट किया जाता है, तो छात्र के पास करेक्शन का �’प्शन रहता है, लेकिन अफसरों ने गत अक्टूबर 2019 में इस लिंक को भी बंद कर दिया। इसके चलते स्टूडेंट्स अब अपने फॉर्म में करेक्शन भी नहीं कर पा रहे हैं और उनका फॉर्म रिजेक्ट ही हो चुका है।

बजट की कमी

दरअसल, ग्वालियर जिले में स्कॉलरशिप वितरण के लिए लगभग 200 करोड़ रुपए के बजट की जरूरत है, लेकिन राज्य शासन का खजाना खाली होने के कारण इसको लेकर निर्णय नहीं लिया गया। इसके चलते शासन द्वारा कई कोर्सों की स्कॉलरशिप की राशि कम भी कर दी है, ताकि शासन का बोझ कम हो सके।

{इंजीनियरिंग, नर्सिंग, डीएड-बीएड सहित सामान्य कोर्सों की भी छात्रवृत्ति रुकी... **

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DB Star



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Gwalior News - mp news one lakh students studying in college did not get scholarship


source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-one-lakh-students-studying-in-college-did-not-get-scholarship-070628-6913989.html

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