काेराेना के इलाज के केंद्र अमलतास हाॅस्पिटल में जाने पर एक से दूसरे मरीज में संक्रमण फैलने की बातें साेशल मीडिया पर वायरल हाे रही हैं। जबकि शासन की अाेर से जारी गाइडलाइन अनुसार यहां अाेपीडी में स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। यहां तक कि हर प्रकार के मरीज के लिए वार्ड में प्रवेश के रास्ते भी अलग बनाए गए हैं।
पहले स्क्रीनिंग, फिर प्रवेश, हर एक की बैठक व्यवस्था अलग : सर्दी, खांसी, बुखार के रोगियों के लिए अलग से एक ओपीडी बनाई, यहां सुरक्षा संसाधन पहने डाॅक्टर आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग कर हिस्ट्री की जानकारी ले रहे हैं। यहां हर एक के लिए बैठने और जांच की अलग-अलग व्यवस्था है।
मरीजाें के आने-जाने के रास्ते अलग-अलग : भर्ती होने वाले मरीजों के लिए तीसरी मंजिल पर 5000 वर्ग फीट के 6 नवनिर्मित हाल में कोरोना वार्ड बनाए हैं, जिनमें प्रत्येक में प्रसाधन अाैर मरीजों के आने-जाने का मार्ग अलग-अलग है।
संक्रमित, कम संदिग्ध और संपर्क में आए मरीजाें के लिए तीन अलग वार्ड
- एक वार्ड ऐसे कम संदिग्ध मरीजों के लिए आरक्षित है, जो किसी पाॅजिटिव मरीज के संपर्क में नहीं आए लेकिन उन्हें श्वास की या हृदय की कोई बीमारी है।
- एक अन्य हाॅल में ऐसे मरीजों को रखा, जो कोरोना संक्रमित मरीज के सीधे संपर्क में आए हैं उनमें अभी तक कोरोना के कोई लक्षण नहीं है।
- एक अन्य वार्ड संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित है।
काेराेना आईसीयू भी दाे भाग में, एक में गंभीर, दूसरे में साधारण : संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कोरोना आईसीयू को भी दो अलग-अलग भागों में बांटा है। एक गंभीर संदिग्ध मरीजों के लिए और एक गंभीर संक्रमित मरीजों के लिए। सभी कोरोना ओपीडी, वार्ड और आइसीयू अस्पताल के अन्य वार्ड, ओटी, आॅफिस एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के आने-जाने के मार्ग से अलग है। कोरोना वार्ड के सभी डाॅक्टर, नर्स और सफाईकर्मी वार्ड में जाते समय सुरक्षा किट के साथ ही प्रवेश करते हैं।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्ययोजना अनुसार ही अस्पताल में व्यवस्थाएं की गई हैं। अस्पताल में डिस-इन्फेक्शन का कार्य जिला स्वास्थ्य विभाग के डॉ. धर्मेंद्र जाट की निगरानी में किया जा रहा है। इलाज करने वाले डॉ. अश्विन सोनगरा चेस्ट विशेषज्ञ हैं। उनके साथ डॉ. तुहीन और उनकी टीम इलाज कर रही है। कलेक्टर डॉ. श्रीकांत पांडेय, जिपं सीईओ शीतल पाटले, सीएमएचअाे डॉ. आरके सक्सेना व सिविल सर्जन डॉ. अतुल बिड़वई से मिल रहे निर्देशाें का पूरा पालन किया जा रहा है। -सुरेश भदौरिया, चेयरमैन, अमलतास हाॅस्पिटल देवास
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/dewas/news/admission-to-hospital-only-after-screening-in-opd-more-and-fewer-suspects-are-made-in-separate-wards-127208264.html
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