विश्व वन्य जीव दिवस पर मंगलवार काे जेएच कॉलेज के बॉयोटेक्नालॉजी विभाग में संगोष्ठी हुई। बॉयोटेक्नालॉजी की मानव जीवन में उपयोगिता बढ़ते जा रही है। कृषि, मत्सय पालन, पशु पालन, फूड प्रोसेसिंग एवं मेडिसिन निर्माण में बॉयोटेक्नालॉजी की तकनीक बहुत उपयोगी सिद्ध हो रही है। यह बात संगोष्ठी में करेंट सिनेरो इन बॉयोटेक्नालॉजी विषय पर सत्य साईं कॉलेज भोपाल की प्राचार्य डॉ. आशा अग्रवाल ने कही।
डॉ. सुखदेव डोंगरे ने कहा वन्य जीवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी हमारी है। उन्होंने बताया बॉयोटेक्नालॉजी विधि का उपयोग कर हाईब्रिड विधि से नवीन अनाज की किस्म एवं सब्जियों की नई किस्म तैयार की जा रही है। डॉ. निहारिका भावसार ने कहा मनुष्य में बीमारियों के परीक्षण में बॉयोटेक्नालॉजी का अत्यधिक उपयोग हो रहा है। विद्यार्थियों द्वारा भी वन्य जीवन संरक्षण पर अनेक सुझाव दिए। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. विजेता चौबे, डॉ. निहारिका भावसार सहित अन्य प्राध्यापक अाैर छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
बैतूल। विश्व वन्य जीव दिवस पर संगोष्ठी में मौजूद छात्र-छात्राएं।
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source https://www.bhaskar.com/mp/betul/news/mp-news-increasing-utility-of-biotechnology-in-human-life-aggarwal-064136-6770983.html
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