नगर पालिका ने लोगों से बीते समय के जलसंकट से सबक लेते हुए इस बार होली पर व्यर्थ बहने वाले पानी को बचाने की गुजारिश की है, ताकि गर्मी के समय बचने वाले पानी का उपयोग किया जा सके। दरअसल शहर दमोह में जलसंकट से निपटने के लिए जुझार घाट, राजनगर और कोपरा एनीकट तक का सहारा लिया जाता था, तब जाकर शहर के लिए गर्मी के दिनों में पानी का इंतजाम होता था, इसलिए लोगों को रातों काे जागना तक पड़ता था, यहां तक कि दमोह के जलसंकट के दर्द को लेकर शार्ट फिल्म तक बनी, मगर अब शहर का जलसंकट दूर हो गया है। नए फिल्टर प्लांट और पाइप लाइन 39 वार्डों में बिछने से घर-घर पानी पहुंचने लगा है, मगर सभी को पर्याप्त पानी मिलने के बाद भी इस बार नगर पालिका ने लोगों से होली पर व्यर्थ बहने वाले पानी को बचाने की सीख दी है।
इसलिए पानी बचाना है जरुरी : सीएमओ कपिल खरे ने बताया कि पहले शहर में गर्मी के दिनों में जलसंकट होता था, लेकिन अब पर्याप्त पानी मिल रहा है और सभी के घरों तक पहुंच रहा है, लेकिन इसके बाद भी पानी कीमती है, क्योंकि घर तक पानी पहुंचाने के लिए जुझार घाट में 1350 एचपी, राजनगर तालाब से फिल्टर प्लांट तक पानी पहुंचाने में 275 एचपी और प्लांट से घरों तक पानी पहुंचाने में 350 एचपी मशीन का संचालन किया जा रहा है। ऐसा करने के लिए तीन-तीन जगह पानी लिफ्ट करना पड़ता है। इसमें बिजली का खर्च तो है ही, साथ में मेंटेनेंस पर भी अच्छी खासी राशि खर्च हाे रही है।
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source https://www.bhaskar.com/mp/damoh/news/mp-news-the-appeal-of-the-municipality-is-that-we-have-suffered-severe-water-scarcity-so-take-a-lesson-this-time-save-water-from-flowing-waste-on-holi-070604-6813535.html
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