Tuesday, March 10, 2020

कांग्रेस के मध्यप्रदेश कार्यालय में पसरा सन्नाटा, सीएम हाउस से चल रही पार्टी की पूरी रणनीति

भोपाल. मध्यप्रदेश में मचे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय मेंसुबह के 10:30 बजे सन्नाटा पसरा था। हर रोज की तरह यहां पर कोई शोरशराबा नहीं, कोई कार्यकर्ता नहीं, कोई विधायक नहीं, कोई नेता नहीं और कोई पार्टी का प्रवक्ता नहीं। पीसीसी दफ्तर पूरी तरह से सुनसान पड़ा हुआ है। ऐसा लगता है कि यहां कई दिनों से कोई आया ही ना हो। पार्टी की पूरी गतिविधियां सीएम हाउस से ही संचालित हो रही हैं। सीएम हाउस के बाहरकार्यकर्ताओं और मीडिया का जमावड़ा लगा है।

सुरेंद्र संह बोले- जंगल सफारी करने जा रहे हैं

सीएम हाउस से हीकांग्रेस के सारे विधायक जयपुर के लिए रवाना हुए। निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा, विधायक आरिफ मसूद और वन मंत्री उमंग सिंघार सीएम हाउस पहुंचे। उन्होंने बताया कि सारे विधायक जंगल सफारी करने जयपुर जा रहे हैं। सुरेंद्र सिंह का कहना है- मेरे साथ चार विधायक कांटेक्ट में है और हम उनको भी वापस ले आएंगे और कांग्रेस सरकार पूरी तरह सुरक्षित है और इसको साबित करेंगे।

मसूद बोले- हमारे साथ 94 विधायक

भोपाल से विधायक आरिफ मसूद ने कहा- कमलनाथ सरकार पूरी तरह सुरक्षित है हमारे 94 विधायक हमारे साथ हैं। विधायकों को जयपुर और उदयपुर शहरों में ले जाया जा रहा है। जब आरिफ मसूद से पूछा गया- एमपी में आप की सरकार है, आपका प्रशासन है आपकी पुलिस है तो क्यों विधायकों के यहां से ले जाया जा रहा है तो उन्होंने कहा कि हम शेर की सवारी करने राजस्थान जा रहे हैं और शेरा भैया हमारे शेर हैं और हम उनके साथ राजस्थान घूमने जा रहे हैं।

गहलोत के भरोसे एमपी के विधायक

कांग्रेस विधायकों को सुरक्षित रखने का जिम्मा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सौंपा गया है। एमपी के सभी विधायकों को विशेष विमान से जयपुर भेजा जाएगा, जहां उन्हें एक रिसॉर्ट में ठहराया जाएगा। इससे पहले महाराष्ट्र चुनाव के बाद उपजे सियासी संकट के बीच भी वहां के कांग्रेस विधायकों को जयपुर में ही रुकवाया गया था। पार्टी के असंतुष्ट विधायकों को मनाने का जिम्मा मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्री गोविंद सिंह और सज्जन वर्मा को सौंपा है। दोनों मंत्री बेंगलुरु जाकर असंतुष्ट विधायकों को मनाने का प्रयास करेंगे।

कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे से बिगड़ी स्थिति
कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद उनके समर्थक 22 विधायकों ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उसके बाद लगा कि सरकार जो है वह अल्पमत में आ गई है और सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट शुरू हो गई। हालांकि, मंगलवार रात को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था- स्थिति पूरी तरह हमारे नियंत्रण में है। हमारे साथ नंबर हैं और हम प्रोटेस्ट पर बहुमत साबित करेंगे सरकार हमारी 5 साल चलेगी।

विधानसभा अध्यक्ष के पास याचिका दायर करेंगे
सूत्रों की माने तो कांग्रेस पार्टी की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को उनके निवास पर जाकर एक याचिका दायर करने की योजना बनाई जा रही है। याचिका में क्या होगा, यह अभी तय नहीं है। पार्टी- इस्तीफा देने वाले विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग भी कर सकती है या अन्य किसी कानूनी पेंच का इस्तेमाल करके सरकार को बचा सकती है।



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कांग्रेस कार्यालय में सूनसान है, यहां सिर्फ एक सुरक्षा कर्मी ही बैठा है।
कांग्रेस कार्यालय पर रखे राहुल गांधी के इस पोस्टर पर लिखी लाइन का मतलब अब बदल रहा है।
पार्टी कार्यालय के सभागार में भी ताला लगा हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर आमतौर पर काफी भीड़ रहती है, लेकिन बुधवार को सूनसान रही।
कांग्रेस विधायक बस से राजाभोज एयरपोर्ट पहुंचे, यहां से विशेष विमान से जयपुर रवाना हुए।


source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/ashok-gehlot-rajasthan-cm-kamal-nath-mp-govt-congress-mla-jaipur-latest-today-news-updates-sajjan-singh-verma-and-govind-singh-126949005.html

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