Sunday, March 22, 2020

हाथ न मिलाएं, सिर्फ नमस्ते करें फुर्सत में खुद पढ़ रहे हैं किताबें

सिटी रिपोर्टर। कोरोना वायरस को लेकर कई संस्थाएं लोगों को जागरूक करने का काम कर रही हैं। अब रिटायर्ड आईपीएस ऑफिसर भी लोगों जागरूक करने के साथ बचाव के तरीके बता रहे हैं। साथ ही इन दिनों की उनकी दिनचर्या क्या है, हमने इसके बारे में भी जाना। सभी ने कहा कि वे परिवार के लोगों को भी सावधान कर रहे हैं।

पुरानी किताबें ढूंढकर उन्हें भी पढ़ रहा हूं

सुबह एक्सरसाइज से दिन की शुरुआत होती है और फिर पूजा-पाठ करता हूं। अधिकतर समय घर में ही निकलता है। इसलिए किताबें मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं। मैं पुरानी किताबें भी ढूंढकर निकाल रहा हूं, ताकि उन्हें भी पढ़ा जा सके। किताबें पढ़ने में दिन कब निकल जाता है। इसका पता ही नहीं चलता है। इसलिए सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव नहीं रहता हूं। साथ ही समाज के प्रति भी हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए लोगों को कोरोना वायरस के प्रति भी जागरूक कर रहा हूं। उन्हें सलाह देता हूं कि घर से कम निकलें और निकलें तो मास्क जरूर लगाएं। साथ ही भीड़ भरे इलाकों से बचें। इस समय सावधानी ही, कोरोना से हमें बचा सकती है। यह बातें लोगों को समझना होंगी।

- आरएल वर्मा, रिटायर्ड आईपीएस ऑफिसर

सोशल मीडिया पर एक्टिव, पुराने लेख को-रिलेट कर रहा हूं

दिन की शुरुआत योग से होती है। एक यूनिवर्सिटी का कुलपति होने के नाते यूनिवर्सिटी संबंधी कार्य देखता हूं। यूनिवर्सिटी में हॉस्पिटल भी है, इसलिए मेरी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। वर्तमान में कोरोना वायरस को लेकर जो स्थिति है। उसे लेकर पूरी तरह सतर्क हूं। साथ ही किसी भी तरह की इमरजेंसी के लिए स्टाफ को तैयार कर रखा है। इन सबके बीच सोशल मीडिया पर भी एक्टिव हूं। इसके माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा हूं और जो लोग कोरोना वायरस को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, उनकी बातों का खंडन भी करता हूं, ताकि लोगों तक सही जानकारी पहुंचे। मैंने कुछ पुराने लेख भी लिखे थे, उन्हें अब को-रिलेट कर रहा हूं, ताकि भविष्य में उनका प्रकाशन हो सके।

- एनके त्रिपाठी, रिटायर्ड डीजी सीआरपीएफ

नमस्ते का बता रहा हूं महत्व

सुबह योग से मेरे दिन की शुरुआत होती है। वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए मॉर्निंग वॉक पर जाना बंद कर दिया है। साथ ही बैडमिंटन खेलने भी नहीं जा रहा, क्योंकि हमें अपनी जिम्मेदारी खुद समझनी होगी। शाम के समय थोड़ा बहुत घूम लेता हूं। खाली समय में किताबें पढ़ता हूं। कोरोना वायरस को लेकर जो स्थिति है। ऐसे में लोगों को हाथ मिलाने की जगह नमस्ते करने की सलाह दे रहा हूं। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को भी यही बात कह रहा हूं। कोरोना वायरस से बचाव के लिए हमें जागरूक रहना होगा। वॉट्सएप के जरिए भी लोगों को बचाव के तरीके बताता हूं।

- एसएस शुक्ला, रिटायर्ड एडीजी

awareness campaign



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source https://www.bhaskar.com/mp/shajapur/news/mp-news-do-not-join-hands-just-greet-062517-6897797.html

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