ताप्ती जन्मोत्सव पर शनिवार को ताप्ती नदी के घाटों पर पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ। इस दौरान ताप्ती मैया का पंचामृत से अभिषेक कर हवन किया गया। साथ ही चुनरी चढ़ाकर महाआरती की गई। वहीं कई लोगों ने नगर में घर में ही ताप्ती मैया की पूजा-अर्चना की। ब्रम्हानंद महाजन ने बताया कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए घर में ही पूजा-अर्चना की।
ग्राम अंबाड़ा में ताप्ती घाट पर सुबह 11 बजे ताप्ती माता का जन्मोत्सव उत्साह के साथ मनाया गया। ताप्ती माता का पंचामृत से अभिषेक किया व हवन हुआ। साथ ही चुनरी चढ़ाकर महाआरती की गई। पुजारी पुरुषोतम महाराज ने बताया ताप और पाप हरण करने पृथ्वी पर आषाढ़ शुक्ल सप्तमी को दोपहर 12 बजे मां ताप्ती का अवतरण हुआ था। मां ताप्ती का उद्गम स्थल मुलताई है। 27 जून को मां ताप्ती के जन्मोत्सव के लिए ताप्ती सरोवर रोशनी से जगमगा उठा। सुबह 11 बजे मां ताप्ती मंदिर में पूजन और अभिषेक हुआ। दोपहर में प्रसाद वितरण किया। 21 कल्पों में मां तापी के नाम हैं। इस दौरान जनपद सदस्य नगीन भाग्यवार, संतोष अप्पा, मधुकर चैधरी, मधुकर कोकटनूर, राजू काटे, विनोद आसखडके, गोपाल भाग्यवार, भास्कर चाैधरी, अरुण सनासे मौजूद थे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/nepanagar/news/tapti-maiya-was-anointed-with-panchamrit-127455392.html
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