एक जुलाई से नई गाइडलाइन के हिसाब से रजिस्ट्री होंगी। उप मूल्यांकन समितियों ने जिन 102 नई लोकेशन पर रेट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था उन्हें खारिज कर पुराने रेट ही तय हो चुके हैं। शहरी क्षेत्र में ऐसी 87 लोकेशन थीं, जहां पर रेट वृद्धि प्रस्तावित थी पर अब इनकी संख्या 80 करते हुए 2019-20 के रेट संपदा सॉफ्टवेयर में फीड किए हैं। निर्माण लागत में कमी को लेकर कांग्रेस विधायक की आपत्ति मुख्यालय भेज दी गई है पर अभी निर्णय नहीं हुआ है।
ग्वालियर जिले में 3568 लोकेशन हैं। इस वर्ष कुल 102 नई लोकेशन गाइड लाइन में शामिल होनी थीं। इसको लेकर 13 मार्च को जिला मूल्यांकन समिति की बैठक हुई। तब इन सभी लोकेशन के रेट मौजूदा से ज्यादा कर दिए गए। इसके बाद आपत्ति सुझाव आमंत्रित किए गए तो 25 लोग, संस्थाओं ने रेट वृद्धि पर आपत्ति की। तर्क यह दिया कि मार्च में स्थिति दूसरी थी और आज कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण बाजार मंदी से गुजर रहा है। इसी कारण कलेक्टर एवं जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष ने 12 जून को नई लोकेशन जोड़ने पर तो सहमति दी पर रेट वृद्धि से इनकार कर दिया।
निर्माण लागत पर निर्णय नहीं
आरसीसी सहित अन्य सभी तरह के मकानों की निर्माण बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यालय ने भेजा था। वर्तमान में सर्वाधिक निर्माण आरसीसी के ही होते हैं। एक जुलाई से इनकी लागत 12 हजार प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से करना प्रस्तावित है, अभी तक रेट 8 हजार वर्ग मीटर हैं। इसको लेकर भी कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने 12 जून की बैठक में विरोध किया था। इसी आधार पर प्रस्ताव तैयार कर पंजीयन मुख्यालय भेजा गया है। मुख्यालय ने अभी इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया है।
30 तक सभी स्लॉट बुक हुए
निर्माण लागत में वृद्धि की खबर के बाद ही शनिवार को 29 व 30 जून के सभी स्लॉट सुबह 11 बजे ही बुक हो गए थे। इसी कारण कुछ उप पंजीयकों ने स्लॉट बढ़ाने की मांग भी वरिष्ठ जिला पंजीयक से की। अब अगले दो दिन में नए स्लॉट की बुकिंग सिर्फ मुख्यालय के निर्देश पर ही हो सकेगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/old-rates-at-80-locations-but-increase-in-construction-costs-will-increase-registry-cost-127453844.html
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