Tuesday, April 21, 2020

सर्दी-खांसी-बुखार के मरीजों का इलाज अस्पताल के गेट पर ही

सामान्य सर्दी, खांसी, बुखार (फ्लू) के मरीजों की जांच के लिए सभी अस्पतालों को नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अस्पताल प्रबंधन से कहा गया है कि वे गेट पर ही अलग से फ्लू ओपीडी और प्राइमरी स्क्रीनिंग यूनिट शुरू करें। इस ओपीडी में यदि मरीज की शुरुआती जांच में कोरोना के लक्षण मिलते हैं, या संबंधित की ट्रैवल या कांटैक्ट हिस्ट्री कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क की मिलती है तो उनकी जांच कोरोना स्क्रीनिंग ओपीडी में होगी।

जेपी अस्पताल सहित राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में यह व्यवस्था कोरोना के संक्रमण को रोकने की जा रही है। बीते दिनों स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई ने सभी अस्पतालों की ओपीडी के लिए यह एडवाइजरी जारी की है।

कोरोना व सामान्य मरीजों की एंट्री भी अलग-अलग गेट से

अस्पताल में सामान्य मरीजों और कोरोना के संदिग्ध व पॉजिटिव मरीजों को अलग-अलग गेट से एंट्री दी जाएगी। जिन अस्पतालों में एक ही एंट्रेस होगा, वहां बैरिकेडिंग कर, रास्ते को दो हिस्सों में बांट दिया जाएगा। ताकि अस्पताल आए विभिन्न बीमारियों के मरीजों को कोरोना पॉजिटिव मरीजों से संक्रमित होने से बचाया जा सके।

एक मीटर की दूरी से करेंगे मरीजों की जांच
स्वास्थ्य संचालनालय से जारी गाइडलाइन के अनुसार फ्लू ओपीडी में बने प्राइमरी स्क्रीनिंग सेंटर में फ्लू के मरीज की जांच पैरामेडिक्स एक मीटर की दूरी से करेंगे। स्क्रीनिंग सेंटर में ड्यूटी कर रहे पैरामेडिक्स को पीपीई किट पहनना होगा। किसी मरीज से पैरामेडिक्स के द्वारा दूसरे व्यक्ति को किसी भी बीमारी का संक्रमण ट्रांसफर न हो, इसके लिए हाथों को सैनिटाइज भी करना होगा।

हर 8 घंटे में सैनिटाइज होगी फ्लू ओपीडी
अस्पताल के गेट पर बनी फ्लू ओपीडी और स्क्रीनिंग सेंटर को हर आठ-आठ घंटे के अंतर से सैनिटाइज किया जाएगा। यह सैनिटाइजेशन हाईपोक्लोराइड सॉल्युशन से किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सिविल सर्जन और सीएमएचओ को होगी। ताकि यहां आ रहे मरीजों को कोरोना के संक्रमण से बचाया जा सके।

कोरोना पॉजिटिव मरीज ही काेविड हॉस्पिटल में होंगे रैफर

जिला अस्पतालों से अब केवल कोविड 19 के पॉजिटिव मरीज ही रैफर होंगे। मरीज को रैफर करने से पहले संभाग के कोविड हॉस्पिटल के प्रभारी को संबंधित की रिपोर्ट भी भेजनी होगी। स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई ने यह निर्देश क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालकों को दिए हैं। ताकि कोराेना पॉजिटिव मरीज को कोविड हॉस्पिटल में बेहतर इलाज मिल सके।
ज्वाइंट डायरेक्टर हेल्थ (क्वालिटी एशोरेंस) डॉ. पंकज शुक्ला ने बताया कि अब कोरोना पॉजिटिव मरीज को जिला अस्पताल अथवा दूसरे सरकारी अस्पताल के डॉक्टर सीधे चिह्नित कोविड – 19 हॉस्पिटल में रैफर नहीं कर सकेंगे। मरीज को रैफर करने से पहले अस्पताल के सिविल सर्जन और सीएमएचओ को मरीज की जांच रिपोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक को भेजनी होगी। क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक मरीज की जांच रिपोर्ट देखने और संभाग के चिह्नित कोविड हॉस्पिटल के प्रभारी से बात करने के बाद, उसे रैफर करने का फैसला लेंगे। डॉ. शुक्ला के मुताबिक क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक उन्हीं कोरोना मरीजों को कोविड हॉस्पिटल रैफर कर सकेंगे, जिनकी सेहत वाइटल पैरामीटर पर स्थिर हो।



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ओपीडी में यदि मरीज की शुरुआती जांच में कोरोना के लक्षण मिलते हैं, या  संबंधित की ट्रैवल या कांटैक्ट हिस्ट्री कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क की मिलती है तो उनकी जांच कोरोना स्क्रीनिंग ओपीडी में होगी


source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/news/treatment-of-cold-cough-and-fever-at-the-hospital-gate-127214668.html

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