रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने की प्रक्रिया कोरोना वायरस के प्रभाव के कारण अटक गई है। रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आईआरएसीडीसी) ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन सहित देश के चार स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए दिसंबर में टेंडर प्रक्रिया आयोजित की थी। लेकिन यात्रियों से लिया जाना वाला यूजर्स चार्ज तय नहीं हो पाने के कारण आईआरएसडीसी ने इस पर रोक लगा दी थी। पहले 6 फरवरी को बिड खुलनी थी। इसके बाद 21 फरवरी तय की गई लेकिन यूजर्स चार्ज तय नहीं हो सका। इसके बाद मार्च में यूजर्स चार्ज तय करने और बिड खोलने की बात कही गई थी। लेकिन इस दौरान कोरोना वायरस का संक्रमण पूरे देश में फैल गया, जिसके चलते 25 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया। यह लॉक डाउन 14 अप्रैल तक रहेगा। इससे यह प्रक्रिया अब 6 माह आगे बढ़ चुकी है।
स्टेशन को विकसित करने वाली कंपनी यात्रियों से 60 साल तक वसूल करेगी यूजर्स चार्ज
दरअसल, रेलवे स्टेशन को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विश्वस्तरीय बनाया जाना है। स्टेशन को विकसित करने का ठेका जिस भी कंपनी को मिलेगा, उसे स्टेशन विकास में 240 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे। इसके बदले ठेकेदार को रेलवे 9 लाख वर्ग मीटर जमीन देगा, जिस पर कंपनी कमर्शियल और रेसिडेंशियल टॉवर बनाएगी और लोगों को बेचकर इससे पैसा कमाएगी। इसके साथ ही ग्वालियर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को किराए के अतिरिक्त एक हिस्सा यूजर्स चार्ज के तौर पर देना होगा। यह यूजर्स चार्ज यात्रियों से कितना लिया जाएगा, जिसे रेलवे बोर्ड द्वारा तय किया जाना है। यह यूजर्स चार्ज स्टेशन को विकसित करने वाली कंपनी 60 साल तक यात्रियों से वसूल करेगी। इस राशि का उपयोग स्टेशन मेंटेनेंस में कंपनी खर्च करेगी।
स्टेशन के हेरिटेज लुक को बरकरार रखते हुए विश्वस्तरीय बनाया जाएगा
- स्टेशन कॉस्ट : 240 करोड़
- वृद्धि कीमत : 87 करोड़
- विकास के लिए प्रस्तावित क्षेत्र- 2,30425 वर्ग मीटर
- प्रवेश- निकास एवं ब्लॉक एरिया: 9,840
वर्ग मीटर
- कनकोर्स एरिया (भीड़ वाला क्षेत्र)/ फुटओवर ब्रिज- 11648 वर्ग मीटर
- कामर्शियल डेवलपमेंट के लिए 9 लाख वर्ग मीटर
- स्टेशन के हेरिटेज लुक को बरकरार रखते हुए विश्वस्तरीय बनाया जाएगा, इसके लिए आसपास के भवन तोड़े जाएंगे।
- एयरपोर्ट की तर्ज पर रेलवे स्टेशन को विकसित किया जाना है, यात्रियों को स्टेशन में बेहतर खान-पान और शॉपिंग आदि की सुविधा रहेगी।
- प्लेटफार्म के अंदर बनने वाली बिल्डिंग ग्रीन बिल्डिंग के रूप में डिजाइन की गई है, जो हर मौसम के अनुरूप होगी।
यूजर्स चार्ज तय नहीं हो सका है
कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के कारण अब तक बोर्ड स्तर पर यात्रियों से लिया जाना वाला यूजर्स चार्ज तय नहीं किया जा सका। यूजर्स चार्ज तय होने के बाद ही बिड खुलेगी।
-चेतना मगू, पीआरओ, आईआरएसडीसी
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/the-process-of-making-the-railway-station-world-class-is-stuck-users-charge-is-not-fixed-127151118.html
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