Saturday, April 18, 2020

कोरोना को हराकर घर लौटीं तो परिजन और पड़ोसियों ने योद्धा की तरह किया वेलकम...14 दिन रहेंगी क्वारेंटाइन

काेराेना से जंग जीतकर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से घर पहुंचे शहर के चार मरीजाें (इनमें तीन महिलाएं) की जिंदगी फिर से पटरी पर आगई है। अस्पताल से सिर्फ वे ही नहीं बल्कि खुशियां भी घर लौटीं, इसलिए तो परिजन से लेकर पड़ोसियों तक ने उनका स्वागत किया। जाेहरा खान ने अपने बच्चों को 11 दिन बाद गले लगाया ताे पेशे से नर्स लता प्रभारी काे पड़ाेसियाें ने स्वागत कर ऐसा अहसास कराया, जैसे उन्हाेंने पूरे माेहल्ले के लिए जंग लड़ी। अस्पताल में नींद न आने से परेशान गृहिणी बबीता वर्मा अब आराम से साे सकेंगी। इसी तरह ढाई माह बाद परिजन से मिले युवक अजय जाटव की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पढ़िए सभी की कहानी..
बेटियों को देखकर जोहरा की आंखाें से निकले आंसू

40 गिल हाउस सत्यदेव नगर रहने वाली जोहरा खान 7 अप्रैल से सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती थीं। उनकी 5 माह अाैर 4 साल की बेटियां घर थीं। जाेहरा के पति डॉ. मंसूर अली खान उनकी देखभाल करते थे, लेकिन इस काम में उनके मकान मालिक रंजीत सिंह ने बखूबी याेगदान दिया। शनिवार काे 11 दिन बाद अस्पताल से घर पहुंची जाेहरा जब बेटियाें से मिलीं ताे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बेटियाें को देखकर जोहरा की आंखें भर आईं। जोहरा ने बताया कि मकान मालिक ने परिवार की देखभाल घर के मुखिया की तरह की। घर पहुंचीं तो उन्हाेंने और परिजन ने स्वागत किया। 14 दिन घर में ही आइसोलेशन में रहूंगी।

घर पहुंची लता तो पड़ाेसियों और मकान मालिक ने तालियां बजाईं
जेएएच के ट्रॉमा सेंटर की स्टाफ नर्स लता प्रभारी ठीक होकर शनिवार को जब विजय नगर आमखो स्थित अपने किराए के मकान पर पहुंची तो उनके स्वागत में पड़ोसियों व मकान मालिक सुरेंद्र यादव ने तालियां बजाईं। साथ ही फूल वर्षाकर उनका स्वागत किया। लता इंदौर की रहने वाली हैं। इस कारण सुपर स्पेशलिटी हाॅस्पिटल में काेराेना से जंग के दाैरान वह फाेन पर ही परिजन से बात कर पाती थीं। हॉस्पिटल में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ ने उनकी अच्छे से देखभाल की।
बबीता को अस्पताल में नींद नहीं आती थी, अब आराम से सोएंगीं
ढोली बुवा का पुल निवासी बबीता वर्मा (50) काे अस्पताल में नींद नहीं आती थी। इस कारण वह माेबाइल पर रामायण और महाभारत देखती रहती थीं। शनिवार काे जब वह अस्पताल से डिस्चार्ज हुईं तो उन्होंने हाथ जोड़कर अस्पताल अधीक्षक डॉ. गिरिजाशंकर गुप्ता और उनकी टीम को धन्यवाद कहा। बबीता का कहना है कि घर आने की सबसे बड़ी खुशी ये है कि अब मैं आराम से साे सकूंगी। डॉक्टरों ने 14 दिन होम क्वारेंटाइन रहने के लिए कहा है।

अजय जाटव ढाई माह बाद माता-पिता से मिला
नाका चंद्रबदनी स्थित सिंधिया नगर निवासी अजय जाटव 28 फरवरी को महाराष्ट्र के सांगली में मजदूरी करने गया था। वहां लॉकडाउन में जब कोई काम नहीं बचा तो ट्रक से 3 अप्रैल को ग्वालियर आया। यहां पनिहार में चेकिंग के दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ा अाैर रामकृष्ण हॉस्पीटल में क्वारेंटाइन कर दिया। अजय ने बताया, शनिवार काे जब वह घर पहुंचा ताे उसने ढाई महीने बाद अपने माता-पिता को देखा। गुजरे ढाई महीने उसके लिए काफी मुश्किल साबित हुए। लेकिन अब वह परिजन के साथ आराम से जिंदगी जीएगा। अजय जाटव का कहना है कि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की व्यवस्थाएं बहुत बेहतर हैं।



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When she returned home after defeating Corona, the family and neighbors did like a warrior ... they will stay in Quarantine for 14 days.


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/when-she-returned-home-after-defeating-corona-the-family-and-neighbors-did-like-a-warrior-they-will-stay-in-quarantine-for-14-days-127195216.html

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