शहर से 8 किमी दूर स्थित चिंतामन गणेश मंदिर परिसर को मैरिज डेस्टिनेशन के स्वरूप में विकसित करने के लिए पुरानी योजना में संशोधन होगा। पुरानी योजना अधिकारियों के गले नहीं उतर रही। इसलिए नए आर्किटेक्ट को इसमें शामिल किया जा रहा है। नए आर्किटेक्ट के माध्यम से मंदिर के पुराने स्वरूप को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं को ज्यादा सुविधाएं देने वाले काम कराए जाएंगे। इसलिए मार्च के लॉकडाउन से बंद काम अब तक चालू नहीं हो पाया है।
एक-दो दिन में तय हो जाएगा योजना में क्या संशोधन करना
आरईएस के ईई राजेश श्रीवास्तव ने कहा योजना में नए आर्किटेक्ट के साथ मिलकर सुधार किए जा रहे हैं। एक-दो दिन में तय हो जाएगा क्या संशोधन करना है। चिंतामन का काम लंबे समय से रुका होने से वरिष्ठ अधिकारी भी संतुष्ट नहीं है। इस संबंध में एक बैठक हो चुकी है, जिसमें योजना पर मंथन किया था।
परिसर में शादी के लिए शेड और पार्किंग सुविधा भी
चिंतामन मंदिर परिसर में सुविधाएं विकसित करने के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपए के काम चल रहे हैं। इसमें सभागृह, टॉयलेट्स, शेड, परिक्रमा तथा पार्किंग व अन्य काम शामिल हैं। यह काम ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को दिया गया है। यह काम मार्च तक तेजी से चल रहे थे। कोरोना का लॉकडाउन होने पर काम रोक दिया गया था। इसके बाद काम चालू नहीं हो सका। अधिकारियों का कहना है अब यह काम आर्किटेक्ट नितिन श्रीमाली देखेंगे जो मंगलनाथ, महाकाल और अन्य मंदिरों के काम देखते रहे हैं।
चिंतामन मंदिर में विवाह हो जाने पर वर-वधु को आशीर्वाद दिलाने तथा मनोकामना पूरी होने पर पूजन अभिषेक कराने वालों भीड़ रहती है। कई लोग मंदिर परिसर में ही विवाह भी कराते हैं। चिंतामन की इसी ख्याति के कारण इसे मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए यहां सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई गई थी। किंतु अभी काम पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ था कि काम रोकना पड़ा।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/work-to-stop-chintaman-temple-complex-as-marriage-destination-stopped-new-architects-will-amend-old-plan-127759427.html
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