मिसरोद इलाके में सातवीं कक्षा के एक छात्र ने शनिवार को घर में फांसी लगा ली। वह दो ममेरी बहन के यहां तीन महीने से रह रहा था। घटना के समय बड़ी बहन घर का दरवाजा बाहर से बंद कर छोटी बहन को एग्जाम दिलाने गांधी नगर गई थी। दोनों बहनें जब वापस लौटी तो भाई फंदे पर लटका मिला।
भाई को फंदे पर लटका देख बहनें इतना घबरा गई थी कि पुलिस को उनकी काउंसिलिंग करनी पड़ी। बच्चे ने फांसी खेल-खेल में लगाई या आत्महत्या की, पुलिस कारणों की जांच कर रही है। मिसरोद पुलिस के मुताबिक अजयगढ़, पन्ना निवासी 27 वर्षीय अंबर अहिरवार और उनकी छोटी बहन ज्वाला अहिरवार होशंगाबाद रोड स्थित सौम्या हेरिटेज में दो साल से रह रहीं हैं।
नवोदय स्कूल की तैयारी कर रहा था अभिषेक
अंबर ने पुलिस को बताया कि उनके मामा का 12 वर्षीय बेटा अभिषेक अहिरवार अजयगढ़ में शासकीय स्कूल में पढ़ाई करता था। वह सातवीं का छात्र था। छठवीं पास करने के बाद अभिषेक नवोदय स्कूल में दाखिले की तैयारी कर रहा था। अभिषेक 3 महीने से अंबर एवं ज्वाला के पास ही रह रहा था। शनिवार को ज्वाला अहिरवार का एलिट का पेपर था।
उसका सेंटर गांधीनगर स्थित सिस्टेक कॉलेज में था। अंबर छोटी बहन ज्वाला को एग्जाम दिलाने सुबह 8.45 बजे घर से निकली थी। अभिषेक घर से कहीं जाए नहीं इसलिए अंबर दरवाजे पर ताला लगा गई थी। दोपहर 1.45 दो बजे जब दोनों बहन घर वापस आई तो अंदर देखा अभिषेक पंखे में दुपट्टे से फांसी के फंदे पर लटका हुआ था।
ज्वाला की हुई है किडनी ट्रांसप्लांट
टीआई निरंजन शर्मा के अनुसार ज्वाला की कुछ समय पहले किडनी ट्रांसप्लांट हुई है। जिसके इलाज के लिए वह भोपाल में है। शनिवार को ज्वाला का एलिट का एग्जाम था। ज्वाला के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अंबर उसे एग्जाम दिलाने लेकर गई थी। अंबर और ज्वाला के पिता अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और मां स्कूल में टीचर हैं। जबकि अभिषेक के पिता गांव में खेती किसानी करते हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/news/the-12-year-old-boy-who-remained-with-the-mameri-sisters-hanged-by-hanging-the-fan-127757447.html
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