दीपेश शर्मा.कोरोना का एपिसेंटर बने इंदौर में लोगों के घरों तक राशन से लेकर पानी की मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति बरकरार है। इसके लिए नगर निगम के 18 हजार कर्मचारी लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। ये सभी कर्मचारी 14 प्रमुख जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सिर्फ ऑफिस स्टाफ को घर में रहने की छूट है। हालांकि उन्हें भी किसी न किसी प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिली हुई है।
मच्छर की रोकथाम : 35 मशीनों से किया जा रहा है केमिकल का छिड़काव
35 फाॅगिंग मशीन, छह ट्रैक्टर प्रेशर, दाे मैजिक कूल्ड ऑइल, 300 सीकर उपकरणों से केमिकल का छिड़काव किया जा रहा है। चार पोकलेन मशीन के माध्यम से नाला सफाई का काम भी किया जा रहा है।
स्क्रीनिंग : 700 कर्मचारी जुटा रहे डाटा, 14 दिन तक लगातार ऐसा करेंगे
निगम के 700 कर्मचारी स्वास्थ्य अमले के साथ डोर-टू-डोर सर्वे कर लाेगाें के स्वास्थ्य संबंधी डेटा तैयार कर रहे हैं। इसके लिए निगम ने कर्मचारियों को नेहरू स्टेडियम में प्रशिक्षण दिया। उनकी टीमें बनाईंं, जाे 14 दिन तक राेज प्रत्येक परिवार तक जाएगी।
लॉकडाउन का पालन : सब्जियां और फल बेचने वालों को पकड़ रहीं 12 टीमें
लॉकडाउन के बावजूद शहर में सब्जी और फल बेचने वालों को पकड़ा जा रहा है। इसमें नगर निगम के रिमूवल विभाग की 12 टीमें दो शिफ्टों में सुबह छह से रात 10 बजे तक 10 वाहनों से जुटी रहती हैं।
क्वारेंटाइन सेंटर : 50 से अधिक जगह व्यवस्था संभाल रहे हैं 200 कर्मचारी
शहर में 50 से अधिक गार्डन, होटल और धर्मशाला में बनाए गए क्वारेंटान सेंटर पर निगम रोज सैनिटाइजेशन, सफाई, पानी, लाइट, टेंट और अनाउंसमेंट सिस्टम व्यवस्था कर रहा है। 200 कर्मचारियों को व्यवस्थाओं के मैनेजर के रूप में नियुक्त किया है। सफाई के लिए ड्रेनेज विभाग के 150 कर्मचारी तैनात हैं। निगम कोरोना के इलाज के लिए चिह्नित रेड कैटेगरी के अस्पतालों में सफाई के साथ मरीजों की मूलभूत सुविधाओं संबंधी काम भी कर रहा है। 30 कर्मचारी इसमें जुटे हैं।
डॉग फूड : रोज बांटी जा रही हैं आठ हजार रोटियां, जू दे रहा दलिया और चावल
आवारा कुत्तों को लगातार खाना और पानी मिलता रहे, इसके लिए 150 किलो आटे की आठ हजार रोटियां बनवाकर चार वाहनों से बांटी जा रही हैं। चिड़ियाघर प्रबंधन ने पानी के लिए 300 पॉट सामाजिक संस्थाओं को उपलब्ध कराए हैं। पांच-पांच क्विंटल दलिया और चावल पशु प्रेमी संस्थाओं को दिया जा रहा है।
राशन बिक्री
1200 से ज्यादा दुकानों से घर-घर पहुंचाया जा रहा है सामानसैनिटाइजेशन : कंटेंनमेंट व क्वारेंटाइन एरिया और अस्पताल संक्रमण मुक्त निगम ने 4 अप्रैल से डोर-टू-डोर किराना व्यवस्था शुरू की। 85 वार्डों में कचरा संग्रहण वाहन के 460 रूट पर 460 नोडल अधिकारी और 85 वार्ड प्रभारी नियुक्त किए। 1202 किराना दुकानें रजिस्टर की। घर-घर सामान भेजने के लिए 300 लोडिंग रिक्शा दुकानदारों को उपलब्ध कराए। 20 अप्रैल तक एक लाख 79 हजार 801 लोगों ने राशन सामग्री का ऑर्डर दिया। इनमें एक लाख 61 हजार 59 लोगों को सामान पहुंचा दिया। सिटीजन कॉप और 311 एप से भी बल्क में 500-500 रुपए के राशन पैकेट दिए जा रहे हैं।
फूड पैकेट
15 जगह रोज तैयार कर जरूरतमंदों को बांटे जा रहे 45 हजार पैकेटसैनिटाइजेशन : कंटेंनमेंट व क्वारेंटाइन एरिया और अस्पताल संक्रमण मुक्त रोज 45 हजार भोजन पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। 15 स्थानों पर 500 लेबर भोजन सामग्री तैयार कर रहे हैं। 70 कर्मचारी इनकी पैकेजिंग कर 20 वाहनों से वितरण करवा रहे हैं। 29 मार्च से 20 अप्रैल तक नौ लाख से अधिक पैकेट बांटे। निराश्रित और बेसहारा 450 लोगों को खंडवा रोड पर राधास्वामी सत्संग स्थल में रखा। निगम ही उनकी देखरेख कर रहा है।
कॉल सेंटर फॉर फूड : दो शिफ्ट में 40-40 कर्मचारी लगातार निपटा रहे समस्या निगम ने राशन सामग्री और भोजन पैकेट के लिए कॉल सेंटर शुरू किया है। इसके नंबर 0731-4758822 पर लोग अपनी जरूरत बता रहे हैं। इसके आधार पर उन्हें सामान पहुंचाया जा रहा है। कॉल सेंटर दाे शिफ्ट में चलता है। हर शिफ्ट में 40-40 कर्मचारी सुबह छह से रात 10 बजे तक काम कर रहे हैं।
सैनिटाइजेशन
कंटेंनमेंट व क्वारेंटाइन एरिया और अस्पताल संक्रमण मुक्त काेराेना काे राेकने के लिए कंटेंनमेंट व क्वारेंटाइन एरिया और तीनों श्रेणी के अस्पतालाें में राेज सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। अन्य रहवासी व व्यावसायिक क्षेत्र में भी समय-समय पर यही काम किया जा रहा है। इसमें 51 ट्रैक्टर टैंकर, छह ट्रैक्टर प्रेशर, 19 टैंकर, 16 सैनिटाइजेशन ब्लोअर मशीन, दाे केमिकल स्प्रे ड्रोन और 300 सीकर लगे हैं। ढार्इ हजार लीटर लायसोल लिक्विड, पांच हजार लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइड, साढ़े छह टन क्रिसोलिक पावडर, 12 टन ब्लीचिंग पाउडर और 700 लीटर बायो क्लीन हर्बल सैनिटाइजर का उपयोग किया जा रहा है।
वेस्ट मैनेजमेंट : 590 टन कचरा रोज उठाया जा रहा है 550 वाहनों से
शहर में राेज 275 टन गीला और 315 टन सूखा कचरा संग्रहित कर 550 वाहनों से ट्रेचिंग ग्राउंड भिजवाया जा रहा है। वहीं, काेराेना के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र से करीब तीन टन कचरा संग्रहित कर मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन अनुसार निजी एजेंसी द्वारा इन्सिनरेटर कर डिस्पोज किया जा रहा है। कंटेंनमेंट एरिया क्षेत्र से राेज चार टन कचरा ट्रेंचिंग ग्राउंड ले जाकर लैंडफील साइट पर कवर करते हुए डंप किया जा रहा है।
सफाई : सात हजार कर्मचारियों के कारण शहर अब भी साफ
काेराेना के कारण पूरा शहर घर में है, लेकिन सफाई कार्य नहीं रुक रहा। सात हजार सफाई कर्मचारी, 255 दरोगा/सहायक दरोगा, 38 स्वच्छता निरीक्षक/सहायक स्वच्छता निरीक्षक अाैर 10 स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से सफाई की जा रही है।
ड्रेनेज : 722 कर्मचारी 550 वर्ग किमी क्षेत्र में कर रहे हैं सफाई कार्य
722 कर्मचारी राेज 550 वर्ग किमी क्षेत्र में ड्रेनेज की सफाई कार्य कर रहे हैं। इसमें पांच प्रेशर जेट मशीन, नाै डिसिल्टिंग और 10 डि-वाटरिंग गाड़ियां इस्तेमाल की जा रही हैं। जरूरतमंद, असहाय और गरीबों को रोज 14 हजार किराना सामग्री पैकेट दिए जा रहे हैं। पैकेट में पांच किलो आटा, दो किलो चावल, एक-एक किलो दाल व तेल, आधा-आधा किलो शकर और नमक रहता है। 29 मार्च से 20 अप्रैल तक दो लाख 40 हजार पैकेट बांटे जा चुके हैं। 300 कर्मचारी और 600 लेबर रोज आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में 24 घंटे तक पैकेजिंग कर रहे हैं। इस व्यवस्था में 150 वाहन लगाए हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/sending-from-food-to-food-packets-transitioning-the-city-127214870.html
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