Friday, April 24, 2020

सब्जी मंडी बंद, गांव में भी भाव नहीं मिल रहे हैं किसान मवेशी को खिला रहे, डिमांड भी कम

फल-सब्जी का मार्केट मार्च से रफ्तार पकड़ता है और गर्मी में अच्छे दाम मिलते हैं लेकिन इस बार पूरा महीना लॉकडाउन रहा। आगे की भी क्या परिस्थितियां बनेंगी, तय नहीं। इसका बड़ा नुकसान फल-सब्जी उत्पादक किसानों को हुआ है। सब्जी मंडी लंबे समय से बंद है और शहरी क्षेत्र में मंडी से फुटकर विक्रेता के पास होती हुई कई हाथों से गुजरकर उपभोक्ता तक पहुंचती है। संक्रमण के डर से ज्यादातर लोगों ने खरीदी बंद कर दी। किसान गांव में ही बेच रहे लेकिन यहां इतनी खपत नहीं, इसलिए अच्छे भाव नहीं मिल रहे हैं।
दलपट निवासी किसान दीलिप पाटीदार ने बताया बारिश अच्छी होने से कुएं-ट्यूबवेल में पर्याप्त पानी है। किसानों ने ज्यादा रकबे में सब्जियों की खेती शुरू की थी ताकि गर्मी में अच्छे दाम मिलेंगे तो मुनाफा कमाएंगे लेकिन अभी ये घाटे की खेती बन चुकी है। सामान्य दिनों में सीतामऊ के अलावा भवानीमंडी और रतलाम भी सब्जियों का ट्रांसपोर्ट होता है लेकिन अभी तो जिला बॉर्डर सील है। कहीं आ-जा नहीं सकते। मंडी बंद है और थोक व्यापारियों को गांव आकर सब्जी ले जाने की छूट है लेकिन शहर में डिमांड कम होने से वे भी यहां नहीं आ रहे। गांव में तो वैसे भी कई किसान खुद उत्पादन करते हैं इसलिए यहां बिक्री मार्केट नहीं मिलता। एक बीघे में ककड़ी लगाई लेकिन 10 रुपए किलो भी नहीं बिक रही तो मजबूरी में मवेशियों को खिला रहे हैं। रोजाना में कई किसानों ने मैथी, ककड़ी, पालक, भिंडी, तिरोई, गिलकी, तरबूज व शकर बट्टी आदि की फसल लगाई लेकिन सभी नुकसानी झेल रहे हैं। वहीं विक्रेता भी सब्जियों को फेंक रहे हैं।



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Vegetable market closed, prices are not available even in the village, farmers are feeding cattle, demand is also low


source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/mandsaur/news/vegetable-market-closed-prices-are-not-available-even-in-the-village-farmers-are-feeding-cattle-demand-is-also-low-127235030.html

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