Friday, April 17, 2020

ऑनलाइन खरीदी शुरू करना छाेटे व्यापारियाें के पेट पर लात मारने जैसा

सरकार ने 20 अप्रैल से इलेक्ट्राॅनिक सामग्री, माेबाइल और रेडिमेड कपड़ाें की खरीदी ऑनलाइन शुरू करने का निर्णय लिया है। किसी भी कंपनी से लाेग सामग्री ऑनलाइन बुकिंग कर सीधे घर पर मंगवा सकते हैं। इस पर देवास के स्थानीय व्यापारियाें ने कड़ी आपत्ति जताई है।
पहले ही छाेटे व्यापारी ऑनलाइन खरीदी बढ़ने से परेशान थे। अब लाॅकडाउन में दुकानें बंद हाेने पर कंपनी से ऑनलाइन खरीदी के लिए छूट दी जा रही है। व्यापारियाें का कहना है इस तरह से ताे सरकार छाेटे व्यापारियाें के सीधे पेट पर लात मार रही है। खरीदी का छाेटे व्यापारियाें ने विराेध दर्ज कराया है। व्यापारियाें के अनुसार लाॅकडाउन में लाेगाें की मदद के लिए पीएम ने आह्वान किया था कि गरीबाें की मदद करें और अपनी दुकानाें पर काम करने वाले कर्मचारियाें की सेलेरी नहीं काटें। दुकानदाराें ने आगे बढ़कर लाेगाें की मदद की अाैर कर्मचारियाें काे नाैकरी से भी नहीं निकाला, जिसका बदला अाॅनलाइन खरीदी शुरू करवाकर सरकार हमसे ले रही है।

स्टाॅक रखा रह जाएगा, हाेम डिलीवरी की सुविधा देनी चाहिए
माेबाइल व इलेक्ट्रिक दुकान संचालक शशिकुमार जैन ने बताया, नवंबर-दिसंबर से छाेटे व्यापारियाें ने अपनी दुकानाें में फ्रिज, कूलर, टीवी, एसी सहित अन्य सामग्री का स्टाॅक कर लिया था। आने वाले दिनाें में शादी के सीजन के साथ ही गर्मी में फ्रिज, कूलर और एसी की मांग अधिक रहती है। लेकिन लाॅकडाउन हाेने से दुकानें 25 दिनाें से बंद पड़ी हैं। शादी का सीजन निकल रहा है, वहीं गर्मी के दिन भी शुरू हाे गए हैं। ऐसे में अगर ऑनलाइन इलेक्ट्राॅनिक और माेबाइल की खरीदी शुरू हाे जाएगी ताे हमारा माल धरा का धरा रह जाएगा। हम जैसे छाेटे व्यापारी का धंधा चाैपट हाे जाएगा।

कर्मचारियाें काे नाैकरी से नहीं निकालने का कहते हैं, ऑनलाइन शुरू कर व्यापार खत्म करना चाहते हैं

इलेक्ट्राॅनिक व्यापारी संदीप चाैबे का कहना है केंद्र सरकार ने लाॅकडाउन में किसी भी कर्मचारी काे नाैकरी से नहीं हटाने और जरूरतमंदाें की मदद करने का कहा गया। हमने लाेगाें की मदद भी की औरदुकान पर काम करने वाले लाेगाें काे नाैकरी से भी नहीं हटाया, उनकी पगार भी दी गई। जिसके बदले में अब ऑनलाइन इलेक्ट्राॅनिक सामग्री बेचने की सुविधा सरकार देकर सीधे हमारे धंधे काे चाैपट करना चाहती है। उन्हाेंने कहा, हमारा व्यापार पहले ही ऑनलाइन की मार झेल रहा था, अब सरकार ने खुले ताैर पर ऑनलाइन व्यापार काे बढ़ावा दे दिया है। अाने वाले समय में लाेगाें काे अाॅनलाइन की आदत पड़ जाएगी और व्यापार खत्म हाे जाएगा। मेरी दुकान से जुड़े 30 लाेगाें काे राेजगार देता हूं, आने वाले दिनाें में ये भी बेराेजगारहाे जाएंगे।

रेडिमेड कपड़ाें की ऑनलाइन खरीदी से ज्यादा असर पड़ेगा
कपड़ा व्यापारी प्रदीप चावड़ा ने बताया, इस समय हमारी दुकान पर शादी-विवाह के लिए कपड़ाें की खरीदी हाेती, किंतु लाॅकडाउन की वजह से दुकान बंद पड़ी है। अब ऑनलाइन रेडिमेड खरीदी शुरू हाेने से यह रिटेल मार्केट की जगह ले लेगी। छाेटे व्यापारी सभी टैक्स जमा करने के साथ ही कर्मचारियाें काे वेतन भी देते हैं। धंधा चाैपट हाेने से सरकार का टैक्स कम हाे जाएगा और लाेग बेराेजगार भी हाेंगे। सरकार काे ऑनलाइन खरीदी की अनुमति नहीं देनी चाहिए।



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Starting online shopping is like kicking on the belly of small businessmen


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/dewas/news/starting-online-shopping-is-like-kicking-on-the-belly-of-small-businessmen-127189148.html

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