कोरोना वायरस के संक्रमण के डर से शहर के अधिकांश क्लीनिक और निजी अस्पताल इस समय बंद हैं। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी डिस्पेंसरियों पर भी ताले लगे हुए हैं। इस कारण सर्दी-बुखार के अलावा अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आसपास के क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने के कारण यह मरीज झोलाछाप डाॅक्टरों से इलाज करा रहे हैं। खास बात यह है कि प्रशासन का अभी तक इस ओर ध्यान ही नहीं गया है। यह झोलाछाप डाॅक्टर सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों का भी धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं। जबकि शासन ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार के मरीजों का इलाज केवल शासकीय अस्पतालों में संचालित कोल्ड ओपीडी में ही किया जाएगा। यहां बता दें कि सरकारी डिस्पेंसरियों व स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डाक्टरों की सर्वे समेत अन्य कार्यों में ड्यूटी लगाई गई है। इस कारण यहां ताले लगे हुए हैं।
भास्कर स्टिंग: हनुमान चौराहा ( पुलिस चौकी के पास) झोलाछाप डाॅक्टर कर रहा था मरीजों का इलाज
सुबह के साढ़े आठ बज रहे हैं। हनुमान मंदिर स्थित शिंदे काॅम्पलेक्स के पास लक्ष्मीनारायण मेडिकल के ठीक सामने एक मकान के अंदर व बाहर, मरीजों की भीड़ लगी हुई है। किसी मरीज के पेट में दर्द है तो किसी को कुछ दिनों से खांसी-जुकाम की समस्या है। गिर्राज मंगल पहले मरीजों से उनकी समस्या पूछ रहे हैं और फिर दवाई की खुराक तैयार कर दे रहे हैं। इसी बीच उन्हें पुलिस के सायरन की आवाज सुनाई दी। उन्होंने बाहर खड़े मरीजों को अंदर आने के लिए कहा। फिर एक-एक कर मरीजों का इलाज करने में जुट गए।
यह गलत बात हैः प्रशासन ने आरएमपी डाॅक्टरों को दे दी मरीजों के इलाज करने की जिम्मेदारी
कोरोना वायरस के चलते निजी प्रैक्टिस करने वाले शहर के कई डाक्टर इस समय क्लीनिक पर मरीजों का इलाज नहीं कर रहे। इस कारण स्वास्थ्य विभाग ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें वार्डवार डाक्टरों को चिन्हित कर क्लीनिक खोलने का निर्देश दिया गया है। इसमें खास बात यह है कि कुछ स्थानों पर विभाग ने उन डाक्टरों को भी क्लीनिक खोलने का निर्देश दिया है, जिन पर कभी विभाग ने ही कार्रवाई की थी। इसमें से एक नाम है डा. बीके सूरी का। नियम विरुद्ध तरीके से प्रैक्टिस करने का दोषी मानते हुए तत्कालीन सीएमएचओ डाॅ. अनूप कम्ठान ने उनका क्लीनिक सील कर दिया था। उनके अलावा इस सूची में डाॅ. भरतलाल यादव, डाॅ. एसआर सुखानी, डाॅ. एसके बाथम समेत अन्य नाम भी शामिल है, जो कि आरएमपी हैं। यह सभी डाक्टर एलोपैथी में प्रैक्टिस करते हैं। जबकि वे इसके लिए अधिकृत नहीं हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/the-hawkish-doctor-was-treating-patients-near-the-police-post-in-gwalior-127095944.html
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