Monday, April 6, 2020

सिर और बदन दर्द होने पर कोरोना टेस्ट कराने अस्पताल पहुंच रहे लाेग


कोरोना वायरस को लेकर लोगों में खौफ बढ़ रहा है। यही कारण है कि सरकारी अस्पतालों की ओपीडी दिखाने के लिए सर्दी, जुकाम ही नहीं सिर और बदन दर्द होने पर भी मरीज डॉक्टरों को दिखाने आ रहे हैं। ये लोग डॉक्टरों से कहते हैं कि उनका कोरोना टेस्ट करो, कहीं उन्हें यह तकलीफ कोरोना वायरस होने के कारण तो नहीं हो रही है। डॉक्टर इन मरीजों को समझाते हैं कि सर्दी या बदन दर्द उन्हें कोरोना की वजह से नहीं बल्कि रात में ठीक से नहीं हो के कारण या अन्य किसी कारण से हो रहा है। कोल्ड ओपीडी में आने वाले सामान्य बीमारियों के मरीजों को डॉक्टरों को कोरोना के लक्षण और उसके बचाव के बारे में बताते हुए कहना पड़ता है कि न तो वह किसी संक्रमित मरीज के संपर्क में हैं और न ही उनमें लक्षण हैं इसलिए सैंपल देने का कोई औचित्य नहीं है। तीन अस्पतालों के डॉक्टरों ने अपनी जुबानी बताया-

घर में ही हो सकता है जिनका इलाज उन बीमारियों को भी दिखाने आ रहे हैं


कोरोना वायरस के डर के कारण लोग छोटी-छोटी शारीरिक परेशानी आने पर भी दिखाने अस्पताल आ रहे हैं। इन बीमारियों का वह घर पर ही इलाज कर सकते हैं उसके लिए वह अस्पताल आकर स्वयं को खतरे में डाल रहे हैं। सोमवार को कुछ मरीज ऐसे भी दिखाने आए जिन्हें कोई परेशानी नहीं थी सिर्फ हाथ में दर्द हो रहा था। ये मरीज अस्पताल आकर यह कहने लगे कि उन्हें कोरोना वायरस तो नहीं है इसलिए कोरोना वायरस की जांच करो। शासन के आदेश आए हैं कि सात दिन की ड्यूटी के बाद एक ऑफ कर्मचारियों को दिया जा सकता है लेकिन सभी कर्मचारियों ने ऑफ लेने से यह कहते हुए मना कर दिया कि मरीज परेशान न हो इसलिए वह नियमित ड्यूटी करेंगे। सोमवार को 80 वर्षीय वृद्ध दिखाने आए और उनका चेकअप कर उन्हें दवा दी। इस पर वृद्ध इतना प्रसन्न हो गए कि वह कोल्ड ओपीडी में बैठे लोगों को आशीर्वाद देकर गए। इससे डॉक्टर और स्टाफ का उत्साहवर्धन होता है।-डॉ. प्रशांत नायक, प्रभारी सिविल अस्पताल हजीरा-


वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग में मरीज बोला-गले में खराश है, मेरा सैंपल दिला दें

ग्वालियर|मोतीमहल में स्मार्ट सिटी के कंट्राेल कमांड सेंटर पर साेमवार काे 22 लोगों ने वीडियाे काॅल कर बीमारियों के लक्षण बताए। इनमें से चार प्रकरण एेसे थे, जिन्हें आपदा नियंत्रण कक्ष पर पदस्थ डाॅक्टरों की टीम ने संबंधित जोन के इंसीडेंट कमांडर को रैफर कर मदद करने के लिए कहा। अभी तक 520 लोगों ने फोन कर लक्षण आधारित बीमारियों के संबंध में डाॅक्टरों से सलाह ली है। डाॅक्टरों से सलाह लेने के लिए साेमवार काे फोन लगाने वाले हरेंद्र ने कहा कि मैं महाराष्ट्र के र|ागिरी में काम करता था अाैर अभी अपने घर गदाईपुरा में हूं। मुझे गले में खराश है इसलिए मेरा सैंपल दिला दीजिए। डॉक्टरों ने उनसे कहा कि नजदीक में सरकारी अस्पताल हजीरा है, वहां परीक्षण करा सकते हैं ताे हरेंद्र बोला- हजीरा का अस्पताल ताे राम भरोसे है। मुझे उस पर भरोसा नहीं है।

कोल्ड ओपीडी: रात में ले रहे हैं कोरोना की जांच के लिए सैंपल

ग्वालियर| जेएएच की कोल्ड ओपीडी सोमवार की रात 9:30 बजे भी चल रही थी। यहां 15 मरीज बैठे हुए थे। इनमें से कुछ मरीज का डॉक्टर चेकअप कर रहे थे तो दो मरीज ओपीडी के कमरा नंबर 42 के सामने बनाए गए अस्थायी पैथोलॉजी रूम के बाहर सीबीसी जांच के लिए ब्लड का सैंपल दे रहे थे। इसी बीच स्मार्ट सिटी द्वारा चलाई गई बस में 10 मरीज आए। बस के स्टाफ ने बताया कि दिन में टीम जहां गई थी वहां उन्हें कुछ बीमार मिले थे।

लोगों को कोरोना का भय अधिक है इसलिए सभी कराना चाहते हैं जांच

काेरोना वायरस को लेकर प्रतिदिन की तरह सोमवार को भी लोगों में भय का माहौल देखने काे मिला। सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या जहां बढ़ी है। वहीं जिन लोगों में कोई लक्षण नहीं है। सिर्फ मांसपेशियों में खिंचाव हो गया है वह भी इसे कोरोना का कारण मानकर अस्पताल आते हैं और जांच करने के लिए कहते हैं। अस्पताल आने वाले मरीज की तीन स्तर पर जांच कर रहे हैं। पहले मरीज की स्क्रीनिंग करते पता लगाया जाता है कि कहीं मरीज किसी कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में तो नहीं आया है। अगर कोरोना संक्रमित होने के लक्षण मिलते हैं तो हम उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेज देते हैं और मरीज को रिपोर्ट आने तक जिला अस्पताल के आश्रय भवन में रहने के लिए कहा जाता है।

-डॉ. अमित रघुवंशी, नोडल अफसर कोरोना, जिला अस्पताल मुरार

मरीज को था कमर दर्द, बोला- कहीं कोरोना के कारण तो नहीं हो रहा दर्द

कोरोना वायरस को लेकर लोगों में भय इस कदर व्याप्त है कि उन्हें सामान्य परेशानी में भी कोरोना होने का अंदेशा लगने लगता है। जेएएच की कैजुअल्टी में एक मरीज तो ऐसा आया जिसके कमर में दर्द हा़े रहा था। मरीज का कहना था कि उसे लगता है कि कहीं उसे कोरोना वायरस तो नहीं हो गया जिसके कारण कमर में दर्द हो रहा हो। ऐसे मरीजों को समझाना पड़ता है कि कोरोना वायरस के कारण कमर या शरीर के अन्य हिस्से में दर्द नहीं होता है। यह सामान्य परेशानी है इसका इलाज वह घर पर ही कर सकते थे। कुछ मरीज तो ऐसे आ रहे हैं जिन्हें चार माह से घुटने में दर्द है ऐसे मरीजों को बताना पड़ता है कि उन्हें घर पर ही जो दवा ले रहे थे वही लेनी चाहिए और घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। इसके अलावा खांसी, जुकाम के मरीज अधिक आ रहे हैं।

-डॉ. संदीप वाजपेयी, ड्यूटी सीएमओ कैजुअल्टी, जेएएच



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source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-people-coming-to-the-hospital-for-corona-test-if-they-have-head-and-body-pain-071617-6984248.html

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