(सुमित ठक्कर).कोरोना संक्रमण को लेकर जहां मुस्लिम बहुल इलाकों में पुलिस व प्रशासन को परेशानी आरही है, वहीं खजराना में इस खतरनाक बीमारी से लड़ने के लिए लोग खुद पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं, संक्रमित इलाके के लोगों को जागरूक कर क्वारेंटाइन के लिए भेज रहे हैं। शनिवार को खजराना की उन पांच काॅलोनियाें जिनमें संक्रमण तेजी से बढ़ रहा था, में सन्नाटा था। पुलिस काॅलोनियों के मुहाने पर लगे लाउड स्पीकर से रहवासियाें काे लगातार दिशा-निर्देश दे रही थी। प्रेसीडेंट हाेटल को प्रशासन ने क्वारेंटाइन हाउस में तब्दील किया है। यहां खजराना से लाए गए लाेगाें काे क्वारेंटाइन में रखा है। इन्हीं में से एक हैं तंजीम नगर खजराना मुर्गी केंद्र की जाहिदा बी। उन्हाेंने बताया कि हमारे यहां एक युवक की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद एएसपी राजेश रघुवंशी, सीएसपी एसकेएस तोमर अाए। उन्हाेंने जमात के लोगों की काउंसलिंग की। इसके बाद लोगों को बेहतर व्यवस्था देने का वादा कर यहां लेकर अाए। हम यहां घर से बेहतर स्थिति में हैं। दोनाें वक्त नाश्ता व खाना दिया जा रहा है। जब हमारी काउंसलिंग नहीं हुई थी, तब तक शंका थी कि क्वारेंटाइन हाउस में हमारे साथ गलत हो सकता है। ऐसा इसलिए, क्यांेकि हमारे ही लोगों ने प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों के खिलाफ कई तरह के वाॅट्सएप मैसेज कर गुमराह कर दिया था।
रणनीति...12 टीमें बनाईं, इमाम-सदर काे साथ लेकर की काउंसलिंग
कोरोना संक्रमण के प्रति खजराना जैसे संवेदनशील क्षेत्र के लोगों की मनोस्थिति बदलने में एएसपी रघुवंशी और सीएसपी तोमर की काउंसलिंग की रणनीति काम कर गई। सीएसपी बताते हैं कि हमने इलाके की तीन काॅलोनियों में करीब 12 टीमें बनाकर नगर सुरक्षा समिति के सदस्य, मस्जिदों के इमाम, सदर और जमात के सक्रिय व समझदार लोगों काे साथ लेकर लाउड स्पीकर के माध्यम से रहवािसयाें की काउंसलिंग करवाई। इसलिए यहां किसी भी तरह से न तो स्क्रीनिंग में लोगों को परेशानी हुई, न ही लोग क्वारेंटाइन में जाने से हिचक रहे हैं।
प्रशासन हमारी बेहतरी के लिए ही काम कर रहा है
तंजीम नगर के शकील खान और आदिल खान ने बताया कि हमारी काॅलोनी के 35 लोग अलग-अलग लक्जरी कमरों में रह रहे हैं। यहां किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हैं। जमात के लोगों से यही कहूंगा कि शासन हमारी बेहतरी के लिए काम कर रहा है।
इंदौर का कर्मचारी, छिंदवाड़ा में मृत्यु, परिवार शामिल नहीं हो सका
एक अप्रैल को छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हुए केवलारी निवासी कोरोना पॉजिटिव किशनलाल पिता रमेश इवनाती (33) ने शनिवार सुबह 5 बजे दम तोड़ दिया। वे इंदौर में सेल्स टैक्स विभाग में पदस्थ थे। परिवार इंदौर में था, इस वजह से अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सका। मौत के बाद जिला अस्पताल के चिकित्सक की मौजूदगी में शव को पैक किया गया। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमित मरीज की मौत को लेकर सरकार ने प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके अनुसार शव को एक पॉलिथीन में पैक करना अनिवार्य है। मरीज की बॉडी को सोडियम हाइपो क्लोराइट से साफ किया जाता है।
आईजी की पहल.. 100 पुलिसकर्मी पहुंचाएंगे घर-घर राशन
इंदौर. लॉकडाउन की स्थिति में शहर के लोगों तक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम की योजना में सहयोग के लिए पुलिस के 100 जवान अपनी बाइक से शहर में घूमेंगे। इन्हेंं ‘प्रहरी’ नाम दिया गया है। यह पहल आईजी विवेक शर्मा द्वारा की गई है।

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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/police-counseling-removed-the-fear-of-the-people-of-indore-127107081.html
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