मई के दूसरे सप्ताह से शुरू हाेने वाले तेंदूपत्ता तुड़ाई का कार्य इस बार खटाई में पड़ता नजर आरहा है, क्याेंकि वनाेपज की खरीदी करने वाले व्यापारियाें ने इस बार तेंदूपत्ता तुड़ाई से हाथ खींच लिए हैं। काेराेना वायरस के चलते व्यापारी और उनके कर्मचारी पत्ता तुड़ार्ई के लिए तैयार नहीं हाे रहे हैं।
इधर, वन विभाग के प्रमुख सचिव अशाेक बर्णवाल ने पत्र जारी कर तेंदूपत्ता तुड़ाई कार्य की तैयारी करने के डीएफओकाे निर्देश जारी कर दिए हैं। खास बात यह है कि देवास जिले में इंदाैर के अलावा तेंदू पत्ता खरीदने वाले व्यापारी राजस्थान, महाराष्ट्र अाैर गुजरात के हैं। बाहर के व्यापारी लाॅकडाउन की वजह से पत्ता खरीदी में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
व्यापारियाें का कहना है काेराेना वायरस संक्रमण काे राेकने के लिए सरकार के निर्देशाें का पालन नहीं हाे सकेगा, क्याेंकि पत्ता तुड़ार्ई का कार्य बड़ी संख्या में लाेग परिवार के साथ करते हैं। ऐसे में साेशल डिस्टेंसिंग का पालन मुश्किल है, वहीं बाहर से आने वाले बाेरा भर्ती और हम्मालाें में अगर काेई पाॅजिटिव मरीज आगया ताे बड़ी संख्या में श्रमिक प्रभावित हाेंगे। क्रेता प्रतिनिधि और बोरा भर्ती के लिए ज्यादातर स्टाॅफ महाराष्ट्र से आता है।
ऐसे में अगर दूसरे राज्यों से लोग आकर ग्रामीण क्षेत्रों में 1 माह रहेंगे। काेराेना संक्रमित आगया ताे ग्रामीण क्षेत्र में महामारी फैलने से काेई राेक नहीं सकेगा। तेंदू पत्ते की तुड़ाई उसके देखरेख बोरा भर्ती व गोदाम में जमाने जैसे कार्यों के लिए महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के श्रमिक जिले में आते हैं, जो इन कार्यों के लिए कुशल माने जाते हैं। स्थानीय लोग तेंदूपत्ता की बोरा भर्ती सही तरीके से नहीं कर पाते हैं। जिस कारण बोरों में पत्ता अधिक मात्रा में चूर हो जाता है, जिसे समिति के क्रेताओं से बीड़ी कंपनियों द्वारा कम रेट में खरीदती है।
29 वनाेपज समितियां है जिले में, 32 हजार परिवार काे मिलता राेजगार
जिले के वन परिक्षेत्र में 29 लघु वनाेज समितियां हैं, जिसमें विभिन्न गांवाें 32 हजार परिवार के लाखाें लाेग सुबह से शाम तक पत्ता ताेड़ने के लिए जाते हैं। अगर पत्ता नहीं टूटा ताे इस बार गरीबाें काे मिलने वाला राेजगार नहीं मिलेगा। एक परिवार काे 10 से 15 हजार रु. की मजदूरी मिलती है।
1400 लाेगाें का स्टाफ मेरे पास, मैंने इनकार कर दिया खरीदी से
मैं काेराेना वायरस महामारी के चलते घर से कदम बाहर नहीं रख रहा हूं। मैंने छह माह पहले टेंडर डाल देवास जिले का एक जंगल खरीदा है, जिसमें 1400 मेरे कर्मचारी काम करेंगे, लेकिन महामारी के चलते इस बार पत्ता खरीदने से इनकार करते हुए सीएम काे पत्र भी लिखा है। इतने लाेगाें काे माैत के मुंह में नहीं छाेड़ सकता, अगर वायरस फैल गया ताे हालात खराब हाे जाएंगे। सरकार मेरे द्वारा जमा किए रुपए बिना ब्याज के वापस कर दे। हाल ही में एक अन्य पत्र शासन की तरफ से मेरे पास अाया, जिसमें उल्लेख किया कि बाहर से आने वाले श्रमिकाें काे 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन में रखेंगे, उसके बाद ही काम करवाया जाएगा।
आकाश सचदेव, व्यापारी इंदाैर
व्यापारी नहीं ताे सरकार खरीदेगी, कुछ ने पास बनवाना शुरू कर दिया
शासन के दिशा-निर्देशानुसार पत्ता तुड़ाई का कार्य शुरू करवाएंगे, जिससे की संक्रमण नहीं फैले। अगर व्यापारी पत्ता खरीदी से इनकार करेगा ताे सरकार खरीदेगी। हजाराें गरीबाें काे राेजगार मिलता है। कुछ व्यापारियाें ने अपने कर्मचारियाें के पास बनवाना शुरू कर दिए हैं।पीएन मिश्रा, डीएफओदेवास
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/dewas/news/order-of-the-principal-secretary-prepare-for-tendu-leaf-harvesting-traders-are-refusing-127189187.html
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