Friday, April 3, 2020

औसत बिल की वजह से वे 23 हजार उपभोक्ता निराश जो पिछले माह इंदिरा गृह ज्योति योजना से हो गए थे बाहर


लॉकडाउन की वजह से बिजली कंपनी के मीटर रीडर मार्च में रीडिंग नहीं ले सके। ऐसे में बिजली कंपनी ने पिछले महीने यानी फरवरी की रीडिंग के आधार पर ही मार्च में भी औसत बिल जनरेट कर दिया। इस व्यवस्था से नुकसान उन उपभोक्ताओं का हो गया, जो पिछले महीने ही इंदिरा गृह ज्योति योजना से बाहर हो गए थे। ग्वालियर सिटी सर्किल में 2 लाख 72 हजार कुल उपभोक्ताओं में से 43 हजार उपभोक्ता हर महीने इंदिरा गृह ज्योति योजना का लाभ लेते हैं। फरवरी में इनमें से 23 हजार ऐसे उपभोक्ता थे, जो 100 यूनिट तक 100 रुपए और 150 यूनिट तक 150 रुपए सीमा का पालन नहीं कर सके और तय लिमिट से अधिक बिजली जला ली।

इन 23 हजार उपभोक्ताओं को फरवरी में ही नियमित खपत के आधार पर बिल मिले थे। लेकिन मार्च में रीडिंग ही नहीं हो सकी और औसत बिल जारी कर दिए गए, इस आधार पर इन 23 हजार उपभोक्ताओं को इस बार भी फरवरी के बराबर ही बिल मिल गया। ऐसे में अब अगर मार्च में इन 23 हजार उपभोक्ताओं ने कम यूनिट जलाई भी होगी तो भी उनको फरवरी के बराबर ही बिल भरना पड़ेगा। अगर अप्रैल में भी लॉक डाउन बढ़ गया और रीडिंग न हो सकी तो एक बार फिर से इन 23 हजार उपभोक्ताओं को औसत बिल के हिसाब से बिल जमा करना पड़ जाएगा और ये इंदिरा गृह ज्योति योजना का लाभ अप्रैल में भी नहीं ले सकेंगे।

अाैसत बिलिंग के अलावा अौर काेई विकल्प नहीं



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source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-23000-consumers-disappointed-due-to-average-bill-who-were-out-of-indira-gruh-jyoti-yojana-last-month-071102-6966370.html

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