बैतूल में 1800 फीट ऊंची दुर्गम पहाड़ी पर बसा गांव भंडारपानी। लॉकडाउन में लोग राशन तक के लिए तरस रहे थे, जिनके लिए गुरुवार को स्थानीय पुलिसकर्मियों ने कंधों पर राहत लेकर पहुंचे। वह उनके लिए देवदूत की तरह थे।पथरीली पहाड़ी पर तमाम कठिनाइयों को पार करते हुए जब ये पुलिस वाले यौद्धा गांव पहुंचे तो लोगों की आंखें खुशी से डबडबा गईं। प्रशासन के सहयोग से यह मदद पहुंचाई गई है।
5 अप्रैल को दैनिक भास्कर ने भंडारपानी में लॉकडाउन की वजह से उपजे हालातों और ग्रामीणों के पास राशन के संकट का मुद्दा उठाया था। जिला प्रशासन ने मामले कासंज्ञान लेते हुए ग्रामीणों के लिए भंडारपानी तक राहत सामग्री पहुंचाई। चोपन थाना प्रभारी बीएस राजपूत ने बताया भंडारपानी गांव पहाड़ी पर बसा है, यहां के लोगों के पास अनाज नहीं होने की जानकारी मिली थी। पहाड़ी बैतूल और छिंदवाड़ा बॉर्डर पर है । ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के सहयोग से ग्रामीणों के लिए 100 किलो आटा, 50 किलो चावल, 50 किलो दाल, 20 किलो तेल व अन्य सामग्री पुलिसकर्मियों के सहयोग से दुर्गम पहाड़ी पर चलकर पहुंचाई।
अब स्वास्थ्य की जांच का इंतजार
लोगों से स्वास्थ्य जांच की मांग की है।प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वस्त भी किया है कि वे उनके साथ हैं और समय समय पर उनको सहयोग किया जाएगा। ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। श्रमिक आदिवासी संगठन से जुड़े राजेंद्र गढ़वाल ने भी प्रशासन और पुलिस से मिले सहयोग पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण ग्रामीणों के हालात गंभीर हो गए थे। मजदूरी भी नहीं मिल पा रही थी । उनके लोग भी बाहर क्षेत्रों में फंसे होने के कारण नहीं आ पाए थे । न ही मदद पहुंच पा रही थी । इससे खाने पीने की समस्या पैदा हो रही थी । इस अनाज से राहत मिलेगी ।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/betul/news/policemen-climbed-on-1800-feet-high-to-provide-ration-madhya-pradesh-betul-corona-warriors-in-bhandarpani-latest-news-updates-127144081.html
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