Thursday, November 26, 2020

पं. श्रीराम शर्मा आचार्य का संदेश जन- जन के बीच पहुंचाने के लिए कई पुस्तकों का संपादन करने वाले डॉ. शुक्ल नहीं रहे

गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के संदेश को ज्ञान यज्ञ के माध्यम से जन- जन तक पहुंचाने के लिए जाग रे युवा शक्ति ( हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती) सहित 14 पुस्तकों का संपादन व प्रकाशन कराने वाले गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. सतीश चंद्र शुक्ल का 84 साल की आयु में असामयिक निधन हो गया। वे बीते 24 दिन से अस्वस्थ चल रहे थे।

उनका निधन ग्वालियर में हुआ। वहीं आज अंतिम संस्कार किया गया। जिला मुख्यालय पर गायत्री शक्ति पीठ की स्थापना, अश्व मेध महायज्ञ, पं. लीलापत शर्मा के अमृत महोत्सव, शिकागो में ज्ञानयज्ञ की मशाल स्थापना के अग्रदूत होने के साथ ही वे गुरुदेव का संदेश जन जन तक पहुंचाने के लिए भारत वर्ष के विभिन्न शहरों के साथ ही नेपाल में भी गए थे।

दहेज, बाल विवाह, मृत्यु भोज जैसी कुरीतियों के विरोध में चलाया जागरूकता अभियान
इटावा जिले के बेहड़ा गांव मे जन्में डॉ. शुक्ल पशु चिकित्सा विभाग में सेवारत रहते हुए गुरुदेव के संपर्क में आ गए थे। तभी से उनके ज्ञान यज्ञ के प्रचार- प्रसार के लिए जुट गए थे। 1996 में सेवानिवृत होने के बाद तो पूरी तरह से मिशन के लिए समर्पित हो गए थे। शांति कुंज हरिद्वार से प्रतिनिधि बनकर भारत व नेपाल में विभिन्न स्थानों पर दहेज प्रथा, बाल विवाह, मृत्यु भोज जैसी कुरीतियों के खात्मे का संदेश दिया।

इधर 1979 के 25 कुंडीय, 1987 में 108 कुंडीय, 1994 में 1008 कुंडीय अश्वमेध महायज्ञ के संयोजक रहे। पुराना सराफा अब गायत्री नगर में भव्य विशाल शक्तिपीठ निर्माण के लिए बने ट्रस्ट में मुख्य न्यासी रहे। तीन सदस्यीय इस ट्रस्ट के दो सदस्य पं. सूरज सहाय चौधरी और अशर्फीलाल श्रीवास्तव पूर्व में स्वर्गवासी हो चुके हैं। डॉ. शुक्ल ने कान्य कुब्ज ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष रहते हुए वर्ष 2008 में राष्ट्रीय अधिवेशन भी कराया।



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पं. श्रीराम शर्मा आचार्य


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/bhind/news/dr-shukla-who-edited-many-books-to-spread-the-message-of-pt-shri-ram-sharma-acharya-among-the-masses-127951308.html

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