मप्र हाईकोर्ट ने बुधवार को गरीबों के लिए लागू की गई आयुष्मान भारत योजना के कार्ड की जानकारी पेश करने के लिए राज्य सरकार को समय दे दिया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बैंच ने मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को नियत की है।
ये है मामला
शाजापुर के एक निजी अस्पताल में बिल नहीं चुका पाने के कारण एक बुजुर्ग मरीज को अस्पताल के पलंग से बाँध दिया गया था। इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है। डिवीजन बैंच ने इस मामले में निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज के रेट तय करने और अस्पतालों के रिसेप्शन काउंटर पर रेट लिस्ट प्रदर्शित करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही संचार माध्यमों के जरिए रेट लिस्ट का प्रचार-प्रसार करने को कहा है।
आयुष्मान भारत योजना का नहीं हो रहा क्रियान्वयन
पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा गरीबों के इलाज के लिए बनाई गई आयुष्मान भारत योजना सबसे प्रभावी है। इस योजना के अंतर्गत किसी भी अस्पताल में 5 लाख रुपए तक का इलाज कराया जा सकता है, लेकिन इस योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं किया जा रहा है। अभी तक केवल 25 प्रतिशत गरीबों के ही आयुष्मान भारत कार्ड बन पाए हैं। 75 प्रतिशत गरीब अभी भी आयुष्मान भारत योजना से वंचित हैं। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। बुधवार को इस मामले में राज्य सरकार को जवाब पेश करने के लिए समय दे दिया गया।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/government-got-time-to-present-information-about-ayushman-bharat-card-the-next-hearing-in-the-high-court-on-7-december-127949215.html
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