मध्य प्रदेश विधानसभा ने शीतकालीन सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। जिसके मुताबिक सरकार धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 बिल 30 दिसंबर को सदन में पेश करेगी। यदि यह बिल पारित हो जाता है तो नए साल के पहले महीने में यह कानून लागू हो जाएगा। सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि शीतकालीन सत्र में यह बिल विधानसभा में पेश किया जाएगा। हालांकि बिल का ड्राफ्ट वरिष्ठ सचिवों की मंजूरी के लिए भेजा गया है। इसके बाद कैबिनेट इस पर अंतिम मुहर लगाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर इसको लेकर बयान दिया है। उन्होंने बड़वानी में कहा कि मप्र में लव जिहाद चलने नहीं दिया जाएगा। ऐसे लोग सावधान हो जाएं। हम इसका कानून लागू करने वाले हैं। दोषियों को 10 साल तक जेल से बाहर नहीं आने देंगे।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक सत्र के पहले दिन 28 दिसंबर को सुबह 11 बजे उप चुनाव जीतने वाले विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। इसी दिन प्रश्नकाल के साथ ही अन्य शासकीय कार्य सम्पन्न होंगे। 29 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। जबकि 30 दिसंबर को शिवराज सरकार धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 का बिल सदन में पेश करेगी। इसके अलावा नए एवं संशोधन विधेयक और अनुपूरक बजट सदन पलट पर रखे जाएंगे।
सरकार का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण सत्र छोटा रखा गया है। जबकि कांग्रेस इसको लेकर सवाल उठा रही है। कांग्रेस का कहना है कि इतने छोटे सत्र में प्रश्नकाल के अलावा विधेयकों पर चर्चा संभव नहीं है। इससे पहले भी 21 सितंबर को सिर्फ 1 दिन का विधानसभा सत्र आयोजित किया गया था।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/news/mp-vidhan-sabha-winter-session-2020-update-shivraj-singh-govt-bill-november-30-127954440.html
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