Wednesday, June 10, 2020

किसानों को एक साल बाद भी नहीं मिला फसल का भुगतान, कम भाव में व्यापरियों बेची उपज

बदरवास विकासखंड के आधा दर्जन से अधिक किसानों ने एक साल पहले सरकार की भावांतर योजना के तहत समर्थन मूल्य पर बेची उपज का अभी तक भुगतान नहीं हो सका है। इसके चलते इन किसानों का सरकार की इस भावांतर योजना से भरोसा उठ गया है। इसके चलते इस बार आधा दर्जन से अधिक किसानों ने अपनी चना की उपज समर्थन मूल्य पर चना न बेचते हुए कम भावों में नगर के व्यापारियों को बेच दी है। किसानों का कहना है कि भावांतर के भंवर जाल में चना बेचकर हम बुरे फंस गए हैं। हालात ये है कि एक साल से भुगतान के लिए बैंक अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर बने हुए हैं। इसके बाद भी हमारी उपज का भुगतान नहीं हो सका है।

गौरतलब यह है कि भुगतान नहीं होने से परेशान किसानों का कहना है कि इस बार समर्थन मूल्य पर चना नहीं बेचा इससे घाटा हुआ है वह सहन कर सकते हैं, लेकिन सरकार ने तो हमें हमारी उपज का एक भी पैसा नहीं दिया है। इससे आक्रोश किसानों का कहना है कि अब हम समर्थन मूल्य खरीदी का बहिष्कार करेंगे। वहीं जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक वायके सिंह ने भी मैं फिल्ड में हूं की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है।
भुगतान के लिए एक साल से किसान काट रहे है चक्कर ) शासन की भावांतर योजना के तहत सेवा सहकारी संस्था लुकवासा सहित अन्य संस्थाओं पर समर्थन मूल्य पर एक साल पहले चना, मसूर बेचने वाले एक दर्जन से अधिक किसानों को आज तक भुगतान नहीं किया गया है।
किसानों का कहना है कि फसल की राशि नहीं मिलने से हम बैंक व अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर बने हुए हैं। इतना ही नहीं बैंक सहित जनसुनवाई में शिकायत के बाद भी खाते में पैसे नहीं आए हैं। गुस्साए किसानों का कहना है कि अब समर्थन मूल्य पर भविष्य में अपनी उपज नहीं बेचेंगे |

इन किसानों की भी नहीं आई खाते में राशि

किसान ब्रजभान सिंह यादव निवासी कुंडाई का कहना है कि 20 क्विंटल चना समर्थन मूल्य पर डाला था। इसका 92 हजार का भुगतान आज तक खाते में नहीं आया हैं।
ग्राम पंचायत बारई निवासी महिला किसान राजकुमारी यादव ने 25 क्विंटल चना सोसायटी पर डाला था। इसकी 1 लाख 15 हजार रुपए की राशि खाते में एक वर्ष बाद भी नहीं आई है।
बारई निवासी आजाद पुरी गोस्वामी ने दो बार में 44 क्विंटल चना डाला था। इसमें से 19 क्विंटल का भुगतान हो चुका है। शेष 25 क्विंटल चने का 1 लाख 15 हजार रुपए का भुगतान आज तक नहीं हुआ है।
किसान हल्की बाई जाट निवासी सेमरी ने 20 क्विंटल चना बेचा था। वही बांसखेड़ा निवासी उपेंद्र यादव ने गणेश वेयर हाउस ईश्वरी में चना बेचा था, उसकी 48 हजार 510 रुपए की राशि नहीं आई है।

समर्थन मूल्य खरीदी का करेंगे बहिष्कार
भावंतर योजना में फसल बेचने के बाद भुगतान नहीं मिलने से नाराज किसानों ने बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। किसानों का कहना है कि हम एक दर्जन से अधिक किसानों की पूरी राशि नहीं आई है। वहीं सैकड़ों किसानों की अंतर की राशि नहीं आई है। इससे परेशान किसान इस बार भी समर्थन मूल्य पर चना बेचकर यही सोचने पर विवश है कि आखिर पैसा न रुक जाए। किसान हमीर सिंह यादव निवासी वाहंगा का कहना है कि मैंने एक बर्ष पहले 9 क्विंटल मसूर डाली थी, इसका 39 हजार 600 रुपए का भुगतान आज तक नहीं हुआ है।

फाइल देखकर बता पाऊंगा
किसानों के पिछली साल के पैसे नहीं आए है और क्यों नहीं आए हैं। ये अभी मैं नहीं बता सकता हूं कार्यालय में फाइल देखने के बाद ही बता पाउंगा।
वायके सिंह, महाप्रबंधक सहकारी बैंक शिवपुरी



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Farmers did not get payment of crop even after one year, traders sold produce at low prices


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/badarwas/news/farmers-did-not-get-payment-of-crop-even-after-one-year-traders-sold-produce-at-low-prices-127397616.html

No comments:

Post a Comment