पाराशरी पुल चौड़ीकरण का मामला पत्राचार के बीच उलझा हुआ है। इस कारण दक्षिणी भाग चौड़ीकरण के बीच बाधा बने हुए बिजली के खंभे हटाने और उत्तरी भाग चौड़ीकरण के लिए बाधा बनी जल आवर्धन योजना की पाइप लाइन हटाने का अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। इसके लिए नगरीय प्रशासन और सेतु निगम के बीच पत्राचार चल रहा है। इसके चलते अभी तक स्थाई समाधान नहीं हो पाया है।
परिणाम स्वरूप दक्षिणी भाग का कार्य पूरा होने के बाद भी उसका ट्रैफिक के लिए उपयोग नहीं हो पा रहा है। वहीं उत्तरी भाग में चौड़ीकरण कार्य जल आवर्धन योजना की पाइप लाइन के कारण रुक गया है।
नहीं मिली बिजली खंभे शिफ्टिंग की राशि: नगर पालिका ने मध्य क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी को दक्षिणी भाग पुल चौड़ीकरण के बाद ट्रैफिक के लिए बाधा बन रहे बिजली खंभों को हटाने के लिए एस्टीमेट मांगा था। बिजली कंपनी ने 4 खंभों को शिफ्ट करने के लिए 3 लाख 65 हजार रुपए का एस्टीमेट बनाकर नगर पालिका को दिया। नगर पालिका ने उसे सेतु निगम को भेज दिया। इससे यह राशि निगम नगर पालिका को भेजे लेकिन अब तक राशि नहीं आई है। इससे मामला अधर में अटका हुआ है। इस वजह से पुल के दक्षिणी भाग का उपयोग ट्रैफिक के लिए नहीं हो पा रहा है।
उस पर दुकानें और ठेले लगने प्रारंभ हो गए हैं। इससे अतिक्रमण को बढ़ावा मिल रहा है।
पाइप लाइन शिफ्टिंग पर नहीं हुआ फैसला : दूसरी ओर पाराशरी पुल के उत्तरी भाग का चौड़ीकरण कार्य जल आवर्धन योजना की पाइप लाइन के कारण शुरू नहीं हो पा रहा है। कलेक्टर डाक्टर पंकज जैन ने मौके के निरीक्षण के बाद नगरीय प्रशासन आयुक्त भोपाल को पत्र लिखा था।
ईएनसी भोपाल में कलेक्टर को पत्र लिखकर सूचित किया है कि जल आवर्धन योजना की पाइप लाइन हटाने के लिए सेतु निगम राशि दे। कुल मिलाकर उत्तरी हिस्से का चौड़ीकरण कार्य अधर में अटका हुआ है। जब तक पाइप लाइन शिफ्ट नहीं होगी तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाएगा। इसमें कम से कम 10 लाख रुपए खर्च आना है।
निर्माण कार्य अधर में
जब तक बिजली के खंभों की शिफ्टिंग नहीं होगी उस पर ट्रैफिक शुरू नहीं हो पाएगा। पुराने पुल की सरफेस लेवलिंग का कार्य नहीं हो पाएगा। दूसरी ओर उत्तरी भाग का कार्य शुरू करने के लिए यदि पाइप लाइन शिफ्टिंग के कार्य पर कोई निर्णय नहीं हो पाया तो दूसरे हिस्से का कार्य अधर में रह जाएगा। वर्तमान में हालात ऐसे हैं कि इस कार्य को पूरा करने के लिए प्रभावी राजनैतिक दबाव भी नहीं बन पा रहा है।
नहीं भेजी गई है राशि
पोल शिफ्टिंग का एस्टीमेट सेतु निगम को भेज दिया है। निगम द्वारा राशि नहीं भेजी गई है। जैसे ही राशि नगर पालिका को मिलेगी मध्य क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी को जमा करा दी जाएगी। पाइप लाइन के लिए नगरीय प्रशासन और सेतु निगम के बीच पत्राचार चल रहा है। अभी कोई फैसला नहीं हुआ।
सुधीर उपाध्याय, सीएमओ नपा गंजबासौदा।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/ganjbasoda/news/case-of-parashari-bridge-widening-and-pipeline-shifting-complicated-between-correspondence-127700844.html
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