नपा का विशेष परिषद सम्मेलन साेमवार काे हुआ। 41 प्रकरण के बाद लागत से अधिक राशि स्वीकृति के 5 प्रकरण पर कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया। प्रकरण क्रमांक 61 में पूर्व नपाध्यक्ष की बात नहीं सुने जाने पर विरोध तेज हुआ तो भाजपा पार्षदों ने सभी प्रस्ताव पास- पास कहते हुए राष्ट्रगान शुरू कर दिया। इसके बाद सम्मेलन खत्म कर दिया।
नपा सभाकक्ष में हुए विशेष नपा सम्मेलन में रखे गए 80 प्रकरणों में कई विवादित थे। प्रकरण नंबर 80 पीआईसी की बैठक पुष्टि का प्रस्ताव रखा, जिसके विरोध के लिए कांग्रेस 3 दिन से तैयारी कर रही थी हालांकि इसमें सफल नहीं हाे सकी।
परिषद सम्मेलन शुरू हुआ तो कांग्रेस पार्षद रूपल संचेती की बातों को अनदेखा करने पर उनके व नपाध्यक्ष राम कोटवानी के बीच जमकर बहस हुई। मामले में रूपल ने सीएमओ पीके सुमन से सुनवाई की बात कही तो सीएमओ ने यह कह दिया कि व्यवस्था देखने का दायित्व नपाध्यक्ष का है।
नपाध्यक्ष बोले कि मैं चाहूं तो आपको बैठा सकता हूं। रूपल आक्रोशित हो गईं। विवाद अधिक होने पर विधायक प्रतिनिधि रामेश्वर मकवाना ने मामला शांत किया।
जिसने फाइल रोकी उसने दर्ज नहीं कराई आपत्ति
शिवना शुद्धिकरण के नाम पर नपा ने 20 लाख की घटिया सीवरेज लाइन का निर्माण कराया। इसके बाद 5.46 लाख अतिरिक्त भुगतान का प्रस्ताव परिषद में रख दिया। मामले में पूर्व नपाध्यक्ष हनीफ शेख ने घटिया निर्माण बताते हुए भुगतान रोक दिया था। सोमवार को परिषद में शेख ने एक शब्द भी मामले में नहीं बोला और प्रस्ताव पास हो गया।
पूर्व नपाध्यक्ष शेख ने कार्यालय अधीक्षक से छीने कागज।
प्रस्ताव बहुमत से पास-पास कहते हुए राष्ट्रगान शुरू कर दिया
विवाद बढ़ता देख नपाध्यक्ष व भाजपा पार्षदों ने सभी प्रस्ताव बहुमत से पास- पास कहते हुए चलते विवाद के दौरान राष्ट्रगान शुरू कर दिया। इसके बाद नपाध्यक्ष व पार्षद बाहर निकल गए। इसके बाद कांग्रेस पार्षदों की सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने नपा कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। पीआईसी की बैठकों में हुए विवादित प्रकरणों पर आपत्ति का आवेदन सीएमओ पीके सुमन को दिया।
शहर कोतवाली पहुंच सभी कांग्रेसजन ने नपाध्यक्ष के खिलाफ राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग का आवेदन दिया।
सफाई ठेका पद्धति पर जताया विरोध- पूर्न नपाध्यक्ष शेख ने परिषद सम्मेलन में सार्वजनिक शौचालय की सफाई व्यवस्था को ठेके पर दिए जाने पर विरोध दर्ज कराया।
सीएमओ ने बताया कि शासन के आदेश पर ठेके पर दिया जा रहा है।
लिखित में बहुमत कर लिया प्राप्त- परिषद में रखे प्रस्तावों को पास कराने के लिए नपाध्यक्ष को बहुमत की जरूरत है। कांग्रेस के कुछ पार्षद कलेक्टर कोर्ट भी जाने की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा ने अपने व कांग्रेस के करीब 25 पार्षदों से लिखित में सहमति प्राप्त कर ली।
हनीफ की सुनवाई नहीं हुई तो हुआ विवाद
परिषद में शुरू से पार्षदों की बातों को अनदेखा किया जा रहा था। शुरू में रूपल को स्वयं हनीफ शेख ने शांत कराकर बैठा दिया।
जब हनीफ शेख भारतमाता चौराहा सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव पर सुझाव देने माइक पर पहुंचे तो नपाध्यक्ष ने देरी की बात कहते कार्यालय अधीक्षक को आगे के प्रकरण पढ़ने को कह दिया। अधीक्षक प्रकरण पढ़ने लगे हनीफ ने उनके हाथ से प्रकरणों के कागज छीन लिए।
यह भी रहा खास
- परिषद के प्रकरणों में वार्ड गलत लिखने पर नपा उपाध्यक्ष सुनील जैन ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई नहीं होने पर नगरीय प्रशासन तक पत्राचार करने को कहा।
- 42 से 49 तक प्रकरणों में 50 लाख रु. अतिरिक्त भुगतान पर संचेती ने विरोध दर्ज कराया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
- प्रस्ताव 49 में पैदल पुल निर्माण में अतिरिक्त व्यय पर कांग्रेस नेता तकनीकी जांच के बाद भुगतान की बात कहते रहे।
कलेक्टर कोर्ट में धारा 323 में केस दर्ज कराएंगे
राष्ट्रगान को लेकर थाने पर ज्ञापन दिया, सीडी भी उपलब्ध कराएंगे। नपाध्यक्ष ने प्रोटोकाॅल का पालन नहीं किया।मंगलवार को कलेक्टर न्यायालय में धारा 323 में प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।
हनीफ शेख, पूर्व कांग्रेस नपाध्यक्ष
विपक्ष का काम ही यही है
यह कांग्रेस का चरित्र है, असंसदीय भाषा का प्रयोग करने लगे। विपक्ष का काम ही यही है। बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पास भी हुए।
राम कोटवानी, नपाध्यक्ष, मंदसौर
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/mandsaur/news/bjp-councilors-started-the-national-anthem-and-ended-the-conference-before-protests-before-the-controversial-cases-127697380.html
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