कोरोना संक्रमण के चलते बंद किए गए गोल्डन कार्ड को सरकार ने फिर से बनाने की व्यवस्था शुरू कराई है। अब इसे पंचायत स्तर पर बनाया जा सकेगा। गोल्डन कार्ड बनाने का काम आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कराया जा रहा है।
योजना के उद्देश्य से अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों उसके लिए सरकार के प्रयास हैं कि पंचायत स्तर पर कार्ड बनाने के काम में तेजी लाई जाए। इसके लिए जिले की 478 पंचायतों को सक्रिय किया जाकर सरपंच व सचिवों समेत जीआरएस को इस काम का जिम्मा सौंपा गया है। कार्ड बनाने के लिए ग्राम पंचायत का मंच इसलिए चुना गया है ताकि स्थानीय लोगों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए सुविधा मिल सके। योजना का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर बेहतर तरीके से हो उसके लिए स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के सचिव ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को खास निर्देश जारी किए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा 2013 में कराए गए आर्थिक सर्वे में जिन लोगाें के नाम दर्ज हो गए हैं उन लोगों को गोल्डन कार्ड बनवाने की पात्रता मिलेगी। कार्ड बनाने के काम में पंचायत के कार्यपालक सहायकों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्हें कार्ड बनाने के लक्ष्य दिए गए हैं ताकि तय समयसीमा में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्ड बनाकर हितग्राहियों को सौंपे जा सकें।
सुरक्षा मानकाें का पालन जरूरी
गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया के दौरान लोगों की भीड़ एक स्थान पर नहीं जुटे । लोग जहां भी आएं या जनप्रतिनिधि लोगों के पास जाएं उन सभी मामलों में लोगों को मास्क लगाने, सैनिटाइजर का उपयोग करने की सलाह दी गई है। ताकि ऐसा न हो कि कोई संक्रमित व्यक्ति गांव के दूसरे लोगों को बीमार कर दे।
पांच लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा : आयुष्मान गोल्डन कार्ड योजना के माध्यम से जो लोग कार्डधारी होंगे उन्हें किसी भी गंभीर बीमारी के दौरान सरकारी या प्राइवेट इलाज के लिए पांच लाख रुपए तक की सुविधा मिल सकेगी। इसका सबसे ज्यादा लाभ कम आय वर्ग के लोगों को होगा। इलाज की सुविधा चुने हुए अस्पतालों में ही मिल सकेगी।
जनप्रतिनिधि करेंगे सहयोग
गोल्डन कार्ड बनवाने से गांव का एक भी व्यक्ति वंचित न रह जाए इसलिए इस योजना में गांव के सरपंच, पंच, वार्ड का मुखिया से लेकर पटेल तक को सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों से कहा गया है कि वह अपने संपर्क के लोगाें से गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए उन्हें इस संबंध में कार्ड के लाभ से अवगत कराएंगे। स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ता भी घर घर जाकर लोगों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित करेंगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/morena/news/now-golden-card-can-be-made-at-panchayat-level-also-127700810.html
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