Tuesday, September 8, 2020

बसें चलना शुरू हुईं, लेकिन यात्रियों का बना हुआ टोटा, स्टाफ भी नहीं आ रहा है


सोमवार को लॉकडाउन के बाद से लंबे इंतजार के बाद बसों का चलना शुरू हुआ था। इसके चलते पहले दिन गिनती की बसें बस स्टैंड पर आना शुरू हुई थी, लेकिन दूसरे दिन उन बसों में भी कमी देखने को मिली। बस संचालकों का कहना है कि पहले दिन सवारी नहीं मिलने के कारण डीजल के पैसे ही नहीं निकल सके। वहीं दूसरे दिन भी बस स्टैंड व बसों में यात्रियों की कमी देखने को मिली।
लॉकडाउन लगने के बाद से ही बसों का आवागमन बंद पड़ा हुआ था। इस कारण बसों के बंद होने के कारण इससे जुड़े कई लोग बेरोजगार हो गए थे। इस कारण उन्हें आर्थिक परेशानी से जूझना पड़ रहा था। वहीं बस स्टैंड पर लाखों रुपए की दुकान लेकर बैठे व्यापारियों को भी बसों के नहीं चलने के कारण ग्राहकी का अभाव बना हुआ था। कई दुकानें जो बसों आगमन पर ही आश्रित थीं वह तो पिछले पांच महीने से ही बंद पड़ी हुई थीं। बस संचालन शुरू होने की जानकारी अभी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को पूरी तरह से नहीं लग सकी है। वहीं ग्रामीण रूट पर चलने वाली बसें भी इक्का-दुक्का ही चालू हुई है। क्योंकि लॉकडाउन के बाद से बसों का स्टाफ भी नहीं मिल रहा है। जिससे संचालक अपनी बसों को नहीं चला पा रहे हैं।
बस संचालक राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि स्टाफ नहीं होने से रूट पर बसों को शुरू नहीं किया गया है। वहीं यात्रियों का भी अभाव बना हुआ है। सोयाबीन कटाई के बाद ट्रैफिक में ओर कमी आ जाएगी। इस वजह से सभी ग्रामीण रूटों पर चलने वाली बसों के चलने पर संशय बना हुआ है। बस संचालकों का कहना है कि सवारी की कमी के साथ ही स्टाफ नहीं होने के कारण बसों को चलाना मुश्किल होगा। वहीं भोपाल-इंदौर की बसों में भी कमी देखी जा रही है। जो बसें चल भी रही हैं तो वह लंबे गेप में
चल रही हैं।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/ashta/news/buses-start-moving-but-the-tota-made-up-of-passengers-staff-is-not-coming-127700811.html

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