चुने हुए नगरपालिका अध्यक्ष और पार्षदों का कार्यकाल 3 सितंबर को समाप्त होते ही नगरपालिका के 900 से अधिक स्थाई और अस्थाई कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ गए हैं। 5 साल में पहली बार नगरपालिका के सैकड़ों कर्मचारियों का वेतन अटक गया है। अगस्त 2020 का वेतन भुगतान 8 सितंबर तक भी नहीं हो सका है। नगरपालिका में करीब 550 अस्थाई और 350 से अधिक स्थाई कर्मचारी कार्यरत हैं। एक सितंबर के बाद 900 से अधिक कर्मचारी रोजाना वेतन का इंतजार कर रहे हैं लेकिन शाम होते ही उन्हें निराश होना पड़ता है। विदिशा नगरपालिका में हर महीने वेतन भुगतान में 1 करोड़ 20 लाख रुपए खर्च होते हैं।
शासन से हर महीने नगरपालिका को 1 करोड़ 42 लाख रुपए मिलते हैं। इसमें से 101 करोड़ रुपए की सीवेज लाइन, 28 करोड़ की पेयजल लाइन, पीएम आवास सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं को संचालित किए जाने को लेकर लिए गए लोन की किश्तों की कटौती के बाद इस समय नपा को सिर्फ 64 लाख रुपए का भुगतान शासन से मिल रहा है। नगरपालिका सीएमओ सुधीर सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी और लॉक डाउन के चलते पिछले दिनों प्रभावी तरीके से कर वसूली नहीं हो सकी। शासन से भी राशि की कटौती हो रही है।
इस कारण वेतन भुगतान में विलंब हो रहा है। इस सप्ताह नगरपालिका के कर्मचारी अशोक शर्मा नेहरू सहित 3 कर्मचारी रिटायर्ड हुए हैं। इन कर्मचारियों को अभी तक जीपीएफ सहित अन्य सभी स्वत्वों का भुगतान नहीं किया गया है।
29 करोड़ 30 लाख की होती है सालाना वसूली
वैसे हर साल नगरपालिका द्वारा संपत्ति कर, जल कर, समेकित कर, बाजार बैठकी, दुकानों का किराया सहित सभी प्रकार की वसूली से 29 करोड़ 30 लाख 48 हजार 434 रुपए की आय होती है लेकिन इस बार नगरपालिका प्रशासन अभी तक सिर्फ 35 लाख 55 हजार रुपए की वसूली ही कर सकता है। व्यय की तुलना में आय काफी कम हो गई है। जीआई सर्वे में भी गड़बड़ी के कारण लोग अपने टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। नपा प्रशासन भी कर वसूली में सख्ती नहीं कर रहा है। यही वजह है कि नगरपालिका का खजाना खाली हो गया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/vidisha/news/salary-of-over-900-employees-stalled-as-soon-as-the-tenure-of-the-chief-127700826.html
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