वधु पक्ष के दरवाजे पर बारात पहुंचती इससे पहले ही शिकायत मिलने पर टीम मौके पर पहुंची जहां नाबालिग का विवाह प्रमाणित मिलने पर वधु पक्ष से पिता ने होने वाले दामाद को फोन कर कहा कि अब बारात यहां मत लाना, पुलिस बैठी है। पकड़ ले जाएगी हम अगली साल बालिग होने पर ही विवाह करेंगे। वहीं एक अन्य मामले में परिजन टीम से बोले,बिटिया को कब तक घर में बिठाएं, जमाना खराब है इसलिए हाथ पीले कर रहे, अधिकारियों की समझाइश के बाद परिजनों ने वचन पत्र भरकर बाल विवाह रोका।
शनिवार शाम 5.20 बजे चाइल्ड लाइन नंबर 1098 पर कोलारस ब्लॉक के पवा बसई गांव में रहने वाले 15 वर्षीय दूल्हे राजा बरात लेकर पोहरी ब्लॉक के दौरानी जा रही है। सूचना मिलने पर परियोजना अधिकारी कोलारस पूजा स्वर्णकार और पोहरी, नीरज गुर्जर को बाल विवाह रोकथाम के निर्देश महिला बाल विकास अधिकारी देवेंद्र सुंदरियाल ने दिए। परियोजना अधिकारी पूजा ने पवाबसई गांव से जानकारी ली तो पता चला कि बारात निकल चुकी है। पोहरी से परियोजना अधिकारी नीरज सिंह, सेक्टर पर्यवेक्षक सुमन वर्मा, छर्च थाना प्रभारी राजेन्द्र शर्मा अपने पुलिस बल के साथ जब गांव पहुंचे तो वहां विवाह की तैयारियां हो चुकीं थी,बारात आने का इंतजार था। टीम ने जब दुल्हन की उम्र देखी तो वह 16 वर्ष की निकली जिस पर उसे विवाह न करने की सलाह दी। परिजन नहीं माने तो बाल विवाह करने पर उन्हें जेल जाने की धमकी दी। इसके बाद दुल्हन के पिता ने समधी को फोन कर कहा कि अब 2 साल बाद ही बारात लाना। जब बेटी 18 की हो जाए। इसके बाद रात 10 बजे तक टीम वहां बैठी रही और बारात जब गांव में नहीं आई तो टीम परिजनों से वचन पत्र भरवाकर लौटी।
बिटिया को कब तक घर में बिठाएं, जमाना खराब है इसलिए हाथ पीले कर रहे, अधिकारियों की समझाइश के बाद माने परिजन
बिटिया को कब तक घर में बिठाएं, जमाना खराब है इसलिए हाथ पीले कर रहे हैं। साहब गांव में विरोधी लोग भी रहते है, किसी ने चुगली कर दी होगी। हमारे यहां तो कोई विवाह नहीं है। अभी तो हमने बिटिया की सगाई की है, लेकिन यह बताओ शिकायत किसने की। टीम ने नाम नहीं बताया और दस्तावेजों की पड़ताल की तो पता चला कि पिछोर विकासखंड के नादिया नयाखेड़ा गांव में 16 वर्षीय नाबालिग को बालिका वधु बनाने की तैयारी थी। उसका विवाह 15 जून को था। परियोजना अधिकारी अरविंद तिवारी, सेक्टर पर्यवेक्षक राजकुमारी झा, पुलिस चौकी खोड़ फेव सिंह और नवनीत सिंह जाट ने मौके पर जाकर स्थानीय सरपंच रेखा सुरेंद्र शर्मा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अनीता परिहार को बुलाया। पहले तो परिजनों ने विवाह होने की बात को गलत ठहराया, किंतु जब स्थानीय लोग जमा हुए तो परिजनों ने सोमवार को विवाह होने की बात स्वीकार कर ली। नाबालिग के प्रमाण पत्र देखने पर वह 16 साल 2 माह की निकली। आखिर में परिजन बोले कि साहब ! जमाना खराब है, हम मजदूर आदमी है काम पर चले जाते है। कौन रखवाली करे? लड़की को अकेला छोड़ नहीं सकते, इसलिये सोचा कि हाथ पीले करें और आजाद हों। अब आप कह रहे हैं तो 2 साल बाद जब बेटी 18 की होगी तब शादी करेंगे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/shivpuri/news/do-not-bring-procession-we-will-marry-next-year-only-127411184.html
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