जिले में साेमवार शाम और मंगलवार सुबह बारिश के कारण प्री-मानसून का आगाज हाे गया है। माैसम ने लाेगाें काे गर्मी से ताे राहत दी, लेकिन अफसराें के दावाें की पाेल खाेल दी। समय पर गेहूं का परिवहन नहीं हुआ, जिससे उपार्जन केंद्रोंपर खुले में पड़ा हजाराें मीट्रिक टन गेहूं भीग गया। हालांकि केंद्र प्रबंधन ने तिरपाल से गेहूं बचाने की काेशिश की, लेकिन बारिश के साथ तेज हवा चली। इससे काफी हद तक गेहूं भीग गया। माैसम विभाग ने पहले से चेता दिया था कि इस बार मानसून समय पर आएगा। ऊपर से काेराेना के कारण मंडी बंद हाेने से उपार्जन केंद्राें पर गेहूं की रिकाॅर्ड खरीदी हुई, लेकिन परिवहन धीमी गति से हुआ। ट्रांसपाेर्टराें ने समय पर गाड़ियां नहीं पहुंचाई। दूसरी तरफ केंद्रांें पर लगातार गेहूं अाता रहा था। अधिकारियाें काे चेताया कि वे यह गेहूं लगातार परिवहन कराते जाए ताकि खरीदी प्रभावित नहीं हाे।
लाॅकडाउन के कारण ठप पड़े बाजार में इस साल जिले में 3 लाख 52 हजार मीट्रिक टन रिकाॅर्ड खरीदी हुई है। मई तक ही तक 1 लाख 5 हजार मीट्रिक टन गेहूं की अावक हाे चुकी थी। जिसमें से करीब 55 हजार मीट्रिक ही गेहूं परिवहन हुअा था।
3 लाख 52 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हाे चुकी है : 22 मई तक 2 लाख 61 हजार मीट्रिक टन खरीदी में से 2 लाख 8 हजार मीट्रिक टन गेहूं परिवहन हाे चुका था। 8 हजार मीट्रिक टन गेहूं फिर भी खुले में पड़ा था। अब भी 3 लाख 52 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हाे चुकी है अाैर 2 लाख 75 हजार मीट्रिक टन यानी 78 प्रतिशत ही गेहूं का परिवहन हुअा है। अब भी 77 हजार मीट्रिक टन गेहूं खुले में पड़ा है।
दाे केंद्राें पर 59 हजार 145 क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा
1 माेहनपुर साेसायटी में खरीदी बंद हाे चुकी है। खरीदी प्रभारी अंतरसिंह ने बताया कुल 18 हजार 645 क्विंटल गेहूं खरीदी हुई है। जिसमें से 17 हजार 500 क्विंटल गेहूं का परिवहन हाे चुका है। 1145 क्विंटल गेहूं अब भी खुले में पड़ा है। फिलहाल तिरपाल ढंककर गेहूं बचाया जा रहा है, लेकिन बारिश के साथ तेज आंधी के कारण परेशानी हाे रही है। जिम्मेदाराें काे भी अवगत करा दिया गया है। इसी प्रकार तिरला साेसायटी में भी 24 हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है।
2 अाहू में परिवहन के कारण करीब 80 किसानाें का माल तारीख निकलने के बाद भी तुलना बाकी रह गया। मंगलवार काे खरीदी प्रभारी परिवहन की समस्या लेकर खाद्य विभाग के कार्यालय में पहुंचे। यहां से उन्हें गाड़ी खाली हाेते ही माल परिवहन का आश्वासन मिला। केंद्र प्रभारी गाेविंद ने बताया 1 लाख 18 हजार क्विंटल खरीदी में से 60 हजार क्विंटल माल परिवहन हाे चुका है। 58 हजार क्विंटल माल खुले में पड़ा है। खरीदी प्रभारी के मुताबिक बारिश के कारण तुलाई जारी रखना असंभव है। ऐसे में प्रशासन इस समस्या का कुछ हल निकाले। खरीदी प्रभारी ने बताया अाधे से ज्यादा माल खेताें में पड़ा है। जिसे निकालना भी बड़ी चुनाैती है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/dhar/news/efforts-to-save-the-yield-from-the-tarpaulin-failed-77-thousand-metric-tonnes-of-wheat-got-wet-due-to-rain-only-78-transported-127369388.html
No comments:
Post a Comment