Wednesday, June 10, 2020

महाकाल से 300 मीटर दूरी पर जर्जर मकान नालों में पॉलीथिन, मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण

प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं। दो सप्ताह में तेज बारिश का अनुमान भी लगाया जा रहा है लेकिन शहर मानसून के लिए तैयार नहीं है। भास्कर टीम ने शहर में घूमकर ऐसे चार प्रमुख काम खोजे जो नगर निगम को कराना है। यह काम समय पर नहीं किए ताे रहवासियों की परेशानी बढ़ेगी। निगम अफसरों का दावा है कि मानसून की तैयारियों के सिलसिले में जो भी काम जरूरी हैं, उन्हें पूरा करने की शुरुआत हो गई है। उम्मीद है कि वे बारिश से पहले पूरे कर लिए जाएंगे। हालांकि इसकी गुजांइश बहुत कम लगती है कि यह सभी काम बारिश से पहले पूरे कर लिए जाएं। नए शहर की तुलना में पुराने शहर में जलजमाव की स्थिति ज्यादा बनती है। इसके अलावा बारिश में सड़कें उखड़ने की शिकायतें भी ज्यादा आती हैं। नालों की सफाई तो पूरी हो गई है लेकिन उन पर पसरा अतिक्रमण अब तक नहीं हटाया जा सका है। संकरी गलियों को छोड़ भी दें तो मुख्य मार्गों पर जर्जर मकान अब भी दिखाई दे रहे हैं। इनके नीचे दुकानें लगाई जा रही हैं।
सभी जरूरी काम करवाएंगे
निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा मानसून के लिए जरूरी सभी काम करवाए जाएंगे। जोन स्तर पर अफसरों को निर्देश दिए हैं। जो सड़कें उखड़ गई थी, उन्हें दुरुस्त करवाया जा रहा है। इसके अलावा नालों की एक बार सफाई करवा चुके हैं।

जर्जर मकान हटाना : बारिश के पहले गैलरी में उगी घास
महाकाल घाटी पर जर्जर मकान की गैलरी में बारिश के पहले ही हरी घास उग आई है। इससे पता लगता है कि भवन जर्जर होकर कभी भी धराशायी हो सकता है। इसके बावजूद निगम ने अब तक इसे गिराने की कार्रवाई नहीं की। इसी तरह पुराने शहर में 20 मकान हैं, जिन्हें निगम हर साल नोटिस तो देता है लेकिन कार्रवाई नहीं करता। यह मकान आसपास रहने वालों के साथ राहगीरों के लिए भी खतरनाक है।

नालों में बड़ी मात्रा में फंसी पॉलीथिन
एमआर-5 में शहर का सबसे बड़ा कच्चा नाला है। नगर निगम हर साल प्री-मानसून गतिविधियों के तहत जेसीबी और पोकलेन से पूरे दाे सप्ताह तक शहर के 27 बड़े-छोटे नालों की सफाई करवाता है। इसकी शुरुआत इसी नाले से होती है। इस बार भी वह काम पूरा हो गया है लेकिन नाले में बड़ी मात्रा में पॉलीथिन जमा है। रहवासियों का कहना है तेज बारिश में नाले का पानी घरों के अंदर घुस जाता है।
मुख्य मार्ग पर हो रहा अतिक्रमण
छत्रीचौक क्षेत्र में निगम की मल्टीलेवल पार्किंग के सामने नाले पर पहले फर्शी लगाई फिर गुमटी रख दी। काम-धंधे के नाम पर लगाई गुमटियां बंद रहती है। तेज बारिश होने पर नाला उफन जाता है और उसका गंदा पानी सड़क के साथ इन गुमटियां में घुस जाता है। नाले पर गुमटियां रखी होने से निगम का अमला उसकी सफाई भी नहीं कर पाता। पुराने शहर में कई स्थानों पर नाले पर पक्का अतिक्रमण हो गया है।
सड़कों की हालत भी खराब हो रही
बुधवारिया पर तीन तरफ से यातायात का दबाव रहता है। ऐसे में अच्छी सड़क होना जरूरी है। निकास चौराहा पर एक तरफ की सड़क की ऊपरी परत में गड्ढे हो गए हैं। रहवासियों का कहना है निगम ने पिछले साल पेचवर्क करवाया था। इस साल काम नहीं हुआ। निगम अफसरों का कहना है डामरीकरण का काम किया जा रहा है। नए और पुराने शहर में लॉकडाउन के दौरान ही यह काम शुरू कर दिया था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Polythene in dilapidated house drains 300 meters from Mahakal, encroachment on main road


source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/polythene-in-dilapidated-house-drains-300-meters-from-mahakal-encroachment-on-main-road-127397629.html

No comments:

Post a Comment