Saturday, June 6, 2020

200 में से 101 सिर्फ पांच परिवारों से हुए संक्रमित

जिले में पिछले 26 दिन में ही काेराेना का संक्रमण तेजी से बढ़ा है। 12 मई को डबरा के गंगाराम रोहिरा के पॉजिटिव आने के बाद जिले में संक्रमण की चेन बनती गई। इसमें पांच परिवाराें की लापरवाही भारी पड़ी। इनमें डबरा के गुप्ता और राेहिरा परिवार, बंशीपुरा का दिनेश राठाैर, घाेसीपुरा का नजमा खान और बदनापुरा का विक्की का परिवार शामिल है। इन परिवाराें के लोगों ने बाहर से आए व्यक्ति को सैंपल कराकर क्वारेंटाइन नहीं कराया। इनमें से कुछ के यहां आयोजित कार्यक्रमों में रिश्तेदार और पड़ोसी भी शामिल हुए।

नतीजा- जिले के कुल 200 कोरोना पॉजिटिव लाेगाें में से 101 इन परिवाराें से जुड़े या इनके संपर्क में रहे लाेग हैं। इनमें से 2 की मौत हो चुकी है। मुरार के बंशीपुरा निवासी राठौर परिवार के संपर्क में आने वाले हाथीखाना, बंशीपुरा के साथ उनके रिश्तेदारों की संख्या जोड़ दी जाए तो इस परिवार से संक्रमित हुए लाेगाें की संख्या 46 पहुंच जाती है। इनमें से 2 लोग बानमोर के हैं। यही कारण है कि हाथीखाना, बंशीपुरा, डबरा का ठाकुर बाबा रोड, बदनापुरा और घोसीपुरा सबसे बड़े हॉट स्पॉट बने हुए हैं।

ये हैं वे पांच परिवार, जिनके कारण सबसे ज्यादा लोग हुए संक्रमित

46 संक्रमित बंशीपुरा-हाथीखाना राठाैर परिवार

बंशीपुरा निवासी दिनेश राठौर दिल्ली से 25 मई को लौटे थे। 26 मई को दिनेश के बेटे की सगाई हुई। इसमें परिवार के साथ रिश्तेदार व वधु पक्ष के लोग भी शामिल हुए थे। दिनेश ने दिल्ली से लौटने के बाद स्वयं को क्वारेंटाइन कर अगर सैंपल करा लेता तो राठौर परिवार के संपर्क में आने वाले ग्वालियर के 44 तथा बानमोर मुरैना के 2 मरीज पॉजिटिव नहीं पाए जाते।

32 संक्रमित डबरा-ठाकुर बाबा रोड राेहिरा-गुप्ता परिवार

डबरा में ठाकुर बाबा रोड निवासी गंगाराम रोहिरा (76) की नातिन इंदौर से आई थी। वहीं राजेंद्र गुप्ता की 8 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। 12 मई को गंगाराम रोहिरा की मौत होने के बाद उन्हें कोरोना होने की पुष्टि हुई थी। गुप्ता परिवार की देवा बाई (106) की भी कोरोना से मौत हुई थी। दोनों परिवार के संपर्क में आने से 32 लोग संक्रमित हुए।

16 संक्रमित बदनापुरा-रेशमपुरा विक्की परिवार

बदनापुरा में विक्की अपने परिवार के तथा गांव के 140 लोगों के साथ मुंबई से आया था। इसकी सूचना इन्होंने प्रशासन को नहीं दी थी। बाद में जांच होने पर विक्की के परिवार के 8 लोग संक्रमित पाए गए, लेकिन इससे पहले ही यह लोग दूसरे लोगों के संपर्क में आ चुके थे। इस कारण 8 अन्य लोग भी कोरोना संक्रमित पाए गए।
07 संक्रमित घोसीपुरा नजमा खान का परिवार

घोसीपुरा निवासी नजमा बेगम अपने परिवार के साथ मुंबई से लौटी थीं। जांच में नजमा व उनके परिवार के 7 सदस्य कोराेना पॉजिटिव आए थे। दरअसल, ये परिवार मुंबई से आने के बाद सीधे घर चला गया था। अगर प्रशासन ने इस परिवार को भी मुंबई से लौटने के साथ ही क्वारेंटाइन करा दिया हाेता तो घोसीपुरा में 7 कोरोना के मरीज नहीं मिलते।

4 लाेगाें की रिपोर्ट पॉजिटिव, 14 दिन अस्पताल में भर्ती रहे, आईसीएमआर ने नहीं माना संक्रमित
जोहरा खान, नर्स लता प्रभारी, बबीता वर्मा और अजय जाटव इन चारों को 7 अप्रैल को कोरोना संक्रमण होने की पुष्टि हुई थी। इन्हें इलाज के लिए सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती भी कराया था। वे 14 दिन भर्ती रहे, लेकिन इन मरीजों को आईसीएमआर ने कोरोना संक्रमित नहीं माना। इसके अलावा 17 मरीज ऐसे हैं जो दूसरी या तीसरी रिपोर्ट में भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इन्हें जोड़ने पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 219 हो जाती है। आईसीएमआर की गाइडलाइन के हिसाब से जिले में 198 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। बानमोर के दो मरीज इसमें शामिल नहीं हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/101-out-of-200-infected-with-only-five-families-127383598.html

No comments:

Post a Comment