शहर में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 47 हजार से पार हो गया है। अब तक 14 हजार मरीजों को होम आइसोलेट किया जा चुका है। सांस लेने में अचानक तकलीफ होने पर इनमें से 5 फीसदी मरीजों को घर से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है।
नियमानुसार 65 साल से कम उम्र के संक्रमितों को ही होम आइसोलेशन में रखने की इजाजत है, क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ अस्पतालों में खतरा और बढ़ जाता, लेकिन शहर में 97 साल तक के बुजुर्गों को भी होम आइसोलेशन में रखा गया है।
जिनका ऑक्सीजन लेवल 94%से कम रहा, उन्हें भेजा अस्पताल- होम आइसोलेशन शाखा संभाल रहे डॉ. भूपेंद्र शेखावत कहते हैं अस्पताल में ऐसे मरीजों को भर्ती करना पड़ा, जिनका ऑक्सीजन लेवल 94 प्रतिशत से कम रहा और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई। वैसे तो को-माेर्बिड यानी शुगर या अन्य किसी बीमारी से पीड़ित मरीज को होम आइसोलेशन में रखने का प्रावधान नहीं है लेकिन हमने मॉनिटरिंग बढ़ाकर उन्हें घर के माहौल में रहने दिया।
एप में एंट्री नहीं होने से पॉजिटिव मरीजों तक नहीं पहुंच पाती टीम
होम आइसोलेशन सेल 24 घंटे मॉनिटरिंग में लगी है, लेकिन सार्थक एप में सभी मरीजों की एंट्री नहीं की जा रही है। इससे रैपिड एंटीजन जांच में पॉजिटिव आने वाले मरीजों के पास टीम नहीं पहुंच पाती। इस समय जितने मरीज हाेम आइसोलेशन में हैं, उनमें से ज्यादातर से डिस्चार्ज के बाद होम आइसोलेशन में हैं।
सात दिन घर पर रहे, आठवें दिन अचानक तबीयत बिगड़ी
55 वर्षीय मरीज नवंबर में संक्रमित पाए गए। होम आइसोलेशन में रखा गया। आठवें दिन तबीयत बिगड़ी तो भर्ती किया गया। सीटी स्कैन से पता लगा फेफड़े 80 प्रतिशत संक्रमित हो चुके हैं। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया।
सीटी स्कैन करवाया, 20 प्रतिशत इन्फेक्शन निकला, भर्ती हो गए
70 वर्षीय बुजुर्ग की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पांच दिन बाद भी जब खांसी नहीं गई तो एहतियातन बेटे ने सीटी स्कैन करवाया। फेफड़ों में 20 प्रतिशत खराबी आई। बेटे ने पिता को अस्पताल में भर्ती करवाया। अब वे ठीक हो चुके हैं।
सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के संक्रमितों में 29% में बनी एंटीबॉडी
सितंबर, अक्टूबर, नवंबर के संक्रमितों में से 29 फीसदी में एंटीबॉडी बन गई है। अगस्त की तुलना में यह 22 फीसदी ज्यादा है। शहर में 11 से 23 अगस्त के बीच कराए सीरो सर्वेक्षण में महज 7.72 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी मिली थी। अनुमान है कि दिवाली के बाद से मरीजों की संख्या में इजाफा होने से जनवरी-फरवरी में एंटीबॉडी का लेवल और बढ़ा हुआ मिल सकता है।
एमवायएच के ब्लड बैंक के प्रमुख डॉ. अशोक यादव ने बताया ब्लड बैंक में सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में जमा नए ब्लड के क्रमश: 1323, 1128 और 1590 सैम्पल्स की एंटीबॉडी जांच की। इसमें क्रमशः 197, 367 और 615 में कोविड-19 के खिलाफ आईजीजी एंटीबॉडी मिली है। यानी कुल 4041 सैम्पल्स में से 1179 सैम्पल्स पॉजिटिव आए। एंटीबॉडी जांच के लिए 18 से 60 वर्ष की उम्र वालों की रेंडमली जांच की गई।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/five-percent-of-these-had-to-be-admitted-due-to-sudden-trouble-in-breathing-128001585.html
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