घानावड़, बांद्राभान और रायपुर के किसानाें ने ईंट-भट्टा संचालकाें के खिलाफ शिकायत कमिश्नर से की है। शिकायत में किसानाें ने ईंट-भट्टा संचालकाें पर खेताें में खुदाई करने के आराेप लगाए हैं। किसानाें का आराेप है कि ईंट भट्टा से सटे हुए खेताें में नर्मदा और तवा नदी में आई बाढ़ से मिट्टी में कटाव हाे गए हैं। खुदाई के कारण खेताें में तालाब जैसी स्थिति बन गई है। किसानाें का आराेप है कि यह भट्टे अवैध रूप से संचालित हाे रहे हैं। मामले काे लेकर किसान पिछले 2 साल से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन ईंट-भट्टा संचालकाें के खिलाफ अब तक काेई कार्रवाई नहीं हुई है।
किसानाें ने बताया कि ईंट-भट्टाें पर मिट्टी खुदाई के कारण केवल आसपास के खेताें काे ही नुकसान नहीं पहुंच रहा है बल्कि रामजी बाबा समाधि से रायपुर पहुंच मार्ग तवा नदी में आई बाढ़ से कट गया है। खुदाई के कारण खेताें में तालाब जैसी स्थिति बन गई है। घानावड़ के किसान अजय वर्मा ने बताया कि उनके खेत के पास ईट-भट्टा है। इसके कारण बाढ़ में उनके खेत की धान की फसल बह गई थी। संचालकाें पर कार्रवाई नहीं हाेने से यह लाेग बेतरतीब जेसीबी मशीनाें से खुदाई कर रहे हैं। हाल ही में हर्बल पार्क से काटी गई लकड़ियाें की बरामदगी भी इन्हीं भट्टा संचालकाें के पास से हुई है। यदि समय रहते ईट-भट्टा संचालकाें पर कार्रवाई नहीं हुई ताे किसान न्यायालय की शरण लेंगे। वहीं ईंट-भट्टा संचालक बंटी सरदार ने बताया कि वह खेत में किसी तरह से अधिक खुदाई नहीं कर रहे हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/news/brick-and-kiln-operators-are-digging-in-the-fields-128067941.html
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