Thursday, December 17, 2020

तीन साल की देरी, 918 नहीं अब 1095 करोड़ में बिछेगा 133 किमी का दूसरा ट्रैक

करीब 133 किलोमीटर लंबे रतलाम-नीमच ब्राॅडगेज रेल लाइन का दोहरीकरण अब 1095 करोड़ रुपए में होगा। पहले प्रोजेक्ट कास्ट 918 करोड़ थी। तीन साल की देरी रेलवे को 177 करोड़ रुपए में पड़ेगी। रेलवे बोर्ड का फोकस फिलहाल मंडल के 14 महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में से इसी पर है। यही वजह है कि कोविड-19 को लेकर हुए लॉकडाउन के बाद इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने एफएसएल (फाइनल लोकेशन सर्वे) पूरा कर लिया है। एस्टीमेट रिवाइज करके बोर्ड को भेज दिया गया है। जिस तरह से तैयारियां की जा रही हैं, अगर इस दिशा में सब कुछ ठीक रहा तो 2021 में डबलिंग के लिए अर्थवर्क शुरू हो जाएगा। 2022-23 में दूसरा ट्रैक बिछाने के बाद 2024-25 में इस पर ट्रेन भी दौड़ने लगेगी।
7 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण- सिर्फ जावरा, मंदसौर स्टेशन के आसपास 7 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करना पड़ेगा।

ऐसे बढ़ गई लागत
कार्य पहले अब

सिविल 830 925
सिग्नल, टेलीकॉम, 40 80
इलेक्ट्रॉनिक व अन्य
स्टेशन, सर्कुलेटिंग 48 90
एरिया का विस्तारीकरण
(आंकड़े करोड़ रुपए में)

इससे ये फायदे होंगे

क्रॉसिंग के लिए ट्रेनों को बेवजह नहीं रोकना पड़ेगा।
इंदौर-अजमेर-जयपुर-दिल्ली तक नई ट्रेन चलाने में सुविधा होगी।
दुर्घटना होने पर रूट जाम नहीं होगा, दूसरी लाइन से ट्रेनों को गुजार सकेंगे।
गुड्स ट्रेन अधिक चलाई जा सकेगी। रेलवे की आय बढ़ेगी क्योंकि नीमच-चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में 10 से 12 सीमेंट फैक्टरियां हैं।

स्टेशनों का होगा विकास
रेलवे को बीच के जावरा, ढोढर, मल्हारगढ़, पिपलिया मंडी सहित अन्य स्टेशनों का विकास भी करना पड़ेगा। इनमें प्लेटफॉर्म को ऊंचा और लंबा करना, सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार सहित अन्य काम शामिल हैं। अभी अधिकांश स्टेशनों पर सिंगल लाइन के हिसाब प्लेटफॉर्म व अन्य सुविधाएं हैं।

7 हेक्टेयर अिधग्रहण बाकी
^रतलाम-नीमच दोहरीकरण 1095 करोड़ में होगा। फाइनल सर्वे हो गया है। 7 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण भी होना है। प्रोजेक्ट रेलवे बोर्ड की प्राथमिकता में है क्योंकि मार्च 2022 में चित्तौड़गढ़-नीमच डबलिंग का काम पूरा हो जाएगा। इससे सीधे जयपुर-दिल्ली तक कनेक्टिविटी मिल जाएगी।
विनीत गुप्ता,
मंडल रेल प्रबंधक, रतलाम

... इसलिए रेलवे बोर्ड की प्राथमिकता में
रेलवे दिल्ली-मुंबई की तरह जयपुर-हैदराबाद मुख्य लाइन पर काम कर रहा है। रतलाम-चित्तौड़गढ़ डबलिंग इसी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मार्च 2022 तक चित्तौड़गढ़-नीमच दोहरीकरण का काम पूरा हो जाएगा। चित्तौड़गढ़-शंभुपुरा के 11.61 किमी का काम मार्च 2019, शंभुपुरा-निंबाहेड़ा के 14.68 किमी का काम फरवरी 2020 में खत्म हो गया है। अभी निंबाहेड़ा सी कैबिन-नीमच सेक्शन में प्रोग्रेस सिर्फ 15 प्रतिशत है। चित्तौडग़ढ़ से आगे पहले से डबल लाइन है। रतलाम-नीमच डबलिंग, महू-सनावद-खंडवा अामान परिवर्तन होते ही जयपुर से हैदराबाद तक ब्राॅडगेज कनेक्टिविटी हो जाएगी।



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Three years delay, 918 not now, another track of 133 km will cover 1095 crore


source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/three-years-delay-918-not-now-another-track-of-133-km-will-cover-1095-crore-128025057.html

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