गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे अचानक तहसील प्रशसन, नप, पुलिस अमला छनेरा के महाराणा प्रताप चौक पहुंचा। यहां नाले पर 3 पक्के अतिक्रमण कर दुकान चला रहे लोगों को तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए। थोड़ी ही देर में भीड़ एकत्र होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। करीब दो घंटे चले इस विरोध प्रदर्शन को हटाने के लिए पुलिस बल एक्शन में आया। पल भर भीड़ तीतर बितर करने के बाद कब्जों को नेस्तनाबूद किया गया। इस दौरान प्रशासन ने दुकानदारों को उनका सामान सुरक्षित हटाने की मोहलत जरूर दी।
यहां बता दे कि जनवरी 2020 में नगर में चलाए गए स्वच्छता अभियान- 2 के दौरान नगर के प्रमुख नालों का राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन किया गया था। जिसमें महाराणा प्रताप चौक व भगत सिंह चौक के पास नाले में शासकीय भूमि पर कब्जा कर 3 पक्के निर्माण व 19 हजार वर्ग फुट शासकीय जमीन विक्रय के मामला प्रकाश में आया था। कब्जाधारकों से हरसूद प्रशासन व नप द्वारा जवाब तलब कर पुष्टि भी की गई। जानकारी के अनुसार इनमें से छनेरा निवासी कैलाश पिता कोमल राम प्रजापति, सत्यनारायण पिता चंपालाल राजपूत व राकेश पिता कमलचंद मुकाती को 24 घंटे में कब्जा हटाने के नोटिस दिए गए। दोपहर तक स्वेच्छा से कब्जा नहीं हटाए जाने पर प्रशासन द्वारा एक्शन लिया गया।
एक सिरे से कार्रवाई की मांग पर अड़ी भीड़
कार्रवाई करने पहुंचे अफसरों व दल के सामने पार्षद, पूर्व पार्षद व बड़ी संख्या में जुटी भीड़ ने काफी रोष जताते हुए नगर में एक सिरे से कार्रवाई के लिए दबाव बनाने की कोशिश की। इससे भी बात नहीं बनी तो महिलाओं ने भी नाराजी व्यक्त की। आखिर में कब्जाधारक कैलाश पिता कोमल राम जेसीबी के सामने लेट गया। उसके समर्थन में ग्रामीणों ने नारेबाजी करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद तहसीलदार अतुलेश सिंह, सीएमओ मिलन पटेल, एसडीओपी रविन्द्र वास्कले, टीआई अमित कुमार कोरी ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने मामूली बल प्रयोग किया जिससे भीड़ हट गई। प्रशासन के सख्त रुख को भांप कर कब्जाधारी भी बैकफुट पर आ गए। फिर सामान हटाने की मोहलत मांगने लगे। प्रशासन ने इस पर सहमति दी। नप कर्मचारियों सामान हटाने जुट गए। करीब 4 बजे सबसे पहले कैलाश प्रजापति का नाले किनारे निर्मित कब्जा ढहाया गया। इसके बाद सत्यनारायण राजपूत व राकेश मुकाती की पक्की दुकानों पर जेसीबी का पंजा चला।
शासकीय भूमि विक्रय का मुद्दा भी उठा
अतिक्रमण हटाने आए अमले के सामने पीडितों व ग्रामीणों ने वार्ड क्रमांक 9 ने 11 लोगों को खसरा नंबर 111 में प्लाट काट कर 19 हजार वर्ग फुट शासकीय भूमि विक्रय के मामले में भी कार्रवाई की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई। लेकिन अमले पर उसका कोई असर नहीं हुआ।
2 लोगों को थाने में बैठाया
कार्रवाई के चलते छनेरा निवासी कैलाश व कमलेश पिता कोमल राम प्रजापति द्वारा बाधा पहुंचने व भीड़ को भड़काने के मामले पुलिस ने 2-3 घंटे थाने भी बैठाया। इसके बाद अमले की राह आसान हो गई। भीड़ तमाशबीन होकर कार्रवाई देखती रही।
जिम्मेदार बोले
कब्जाधारकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी
^जनवरी 2020 में हुए नालों के सीमांकन में कब्जे की पुष्टि हो चुकी है। नप द्वारा कब्जाधारकों को नोटिस दिए जाकर कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने कानून व्यवस्था की ड्यूटी निभाई है। आगे भी शासकीय भूमि पर अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
डॉ. परीक्षित झाड़े, एसडीएम हरसूद
24 घंटे पहले दिए थे नोटिस
^तहसील व राजस्व विभाग द्वारा नालों के सीमांकन कर अतिक्रमण की पुष्टि की गई थी। उसी तारतम्य में कब्जाधारकों को 24 घंटे पूर्व नोटिस दिए गए थे। 4 माह पूर्व भी कब्जा हटाने का कहा था।
मिलन पटेल, सीएमओ नप छनेरा-हरसूद
कार्रवाई करना अनुचित है
^प्रशासन ही नप का संचालन कर रहा है। अतिक्रमण जैसे मामलों में जनप्रतिनिधियों को विश्वास ने लिया जाना चाहिए। 24 घंटे पहले नोटिस देकर अचानक कार्रवाई करना अनुचित है।
रामनिवास पटेल, विधायक प्रतिनिधि
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/three-15-year-old-occupiers-over-the-drain-in-chhanera-the-occupants-created-a-ruckus-lie-in-front-of-jcb-128023210.html
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