बिजली के टूटे तार के संपर्क में आए बैल की करंट से मौत को लेकर गुस्साए ग्राम दुर्गापुर के किसानों ने बिजली कंपनी मुलठान कार्यालय का घेराव कर दिया। कार्यालय का दरवाजा बाहर बंद कर दिया। इससे 4 कर्मचारी अंदर ही फंसे रहे। किसानों के विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी व धरने के साढ़े 3 घंटे बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों को उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए आश्वस्त कर कर्मचारियों को बाहर निकाला। किसानों ने 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए कहा बिजली कंपनी कर्मचारी समस्या बताने के बाद भी समय पर निराकरण नहीं करते। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ तहसील अध्यक्ष जगदीश यादव, सरपंच कैलाश यादव, रमेश यादव आदि ने बताया गांव में बिजली के तार झूल रहे हैं। पोल तिरछे हंै। बुधवार को किसान जगदीश यादव ने इसकी मौखिक जानकारी लाइनमैन को दी थी। लेकिन तीन दिन बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। इसके चलते शुक्रवार सुबह 8 बजे भनगांव रोड स्थित खेत में काम करने के दौरान राकेश छोगालाल यादव के बैल की करंट लगने से मौत हो गई। दूसरा बैल का इलाज जारी है। सूचना देने के 3 घंटे बाद भी सहायक यंत्री नहीं आए। 11 बजे लाइनमैन नाना पटेल पहुंचे। लेकिन संतोषजनक जवाब तक नहीं दिया। किसानों ने लाइनमैन को हटाने की मांग की।
कार्यालय पर ताला लगाकर नारेबाजी की
कार्यालय का दरवाजा बाहर से बंद कर नारेबाजी की। कार्यालय में बाबू सहित चार कर्मचारी थे। सूचना मिलते ही खामखेड़ा चौकी प्रभारी शरद पाटिल व प्रधान आरक्षक आनंदराम पटेल पहुंचे। शाम करीब 5.30 बजे सहायक यंत्री कसरावद पीडी पटेल व रवि बर्डे कार्यालय पहुंचे। किसानों की समस्याएं सुन निराकरण के लिए आश्वस्त किया।
पोल नहीं हटाने से फसल काटने में देरी
किसान जगदीश के खेत में दो बिजली के पोल तिरछे हो गए। इनके गिरने की आशंका है। इसको लेकर लाइनमैन को अवगत करवाया, लेकिन निराकरण नहीं किया गया। इसके कारण गन्ना फसल नहीं काट पा रहे हैं। दो माह फसल लेट हो चुकी है। पंचायत की पेयजल लाइन के तार भी टूट रहे हैं। सरपंच ने कई बार अवगत करवाया। लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों ने लाइनमैन को नहीं हटाने पर आंदोलन की बात कही।
^ ग्राम दुर्गापुर में बिजली लाइन का निरीक्षण किया जाएगा। तार झूल रहे है तो सर्वे कर मरम्मत करवाई जाएगी। करंट से बैल की मौत की जांच करवाकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराएंगे।
- पीडी पटेल, सहायक यंत्री, विविकं कसरावद
जान जोखिम में डाल खुद करना पड़ती है मरम्मत
किसानों ने कहा बिजली के झूलते तार बार-बार टूटने से सप्लाय बंद हो जाता है। ट्रांसफार्मर पर कटाउट, केबल पेटी व डीओ की व्यवस्था नहीं है। लाइनमैन के भी उपलब्ध नहीं होने से सप्लाय बंद होने पर किसानों को ही जान जोखिम में डालकर मरम्मत करना पड़ती है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/khargone/news/farmers-surrounded-the-power-office-4-employees-trapped-inside-officers-arrived-after-3-and-a-half-hours-128026541.html
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